Student Protests at Dhurguda Jagdalpur: “पढ़ना है तो पढ़ो, नहीं तो जाओ” — धुरगुड़ा प्रयास विद्यालय के कोऑर्डिनेटर के रवैये पर भड़के छात्र, कार्रवाई की मांग

VIKASH KHALKHO

Student Protests at Dhurguda Jagdalpur: जगदलपुर (छत्तीसगढ़)। देश के होनहार विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने और उन्हें राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं (IIT-JEE और NEET) के योग्य बनाने का दावा करने वाले जगदलपुर के धुरगुड़ा स्थित प्रयास आवासीय विद्यालय में व्यवस्थाएं पूरी तरह पटरी से उतर गई हैं। यहां अध्ययनरत दर्जनों छात्रों ने विद्यालय व हॉस्टल प्रशासन की तानाशाही और अव्यवस्थाओं के खिलाफ खुलकर अपनी आवाज बुलंद की है।

प्रशासन के समक्ष अपनी व्यथा सुनाते हुए छात्रों ने गंभीर आरोप लगाए कि न केवल उनकी पढ़ाई बाधित की जा रही है, बल्कि बुनियादी सुविधाओं और मानवाधिकारों तक से खिलवाड़ हो रहा है।

पढ़ाई के समय शोर, अनुभवी शिक्षकों को हटाने से फूटा गुस्सा

छात्रों ने अपनी मुख्य समस्याओं को गिनाते हुए बताया कि:

  • कक्षाओं के समय निर्माण कार्य: जिस समय स्कूल में पढ़ाई चलती है, ठीक उसी दौरान परिसर में भारी निर्माण कार्य कराया जाता है। मशीनों की तेज आवाज और शोरगुल से पढ़ाई में लगातार खलल पड़ रहा है।

  • योग्य शिक्षकों को हटाया गया: जेईई और नीट जैसी कठिन परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले मुख्य व अनुभवी शिक्षकों को बिना किसी ठोस कारण के अचानक हटा दिया गया। उनकी जगह गैर-अनुभवी शिक्षकों को रख दिया गया है।

  • शिक्षकों का बार-बार बदलना: लगातार बदले जा रहे शिक्षकों की वजह से छात्रों का पाठ्यक्रम और तैयारी की लय पूरी तरह टूट चुकी है।

  • मनोबल तोड़ने वाला रवैया: जब छात्रों ने इस विषय पर आपत्ति जताई, तो उन्हें सुनने के बजाय प्रबंधकों द्वारा “पढ़ना है तो पढ़ो, नहीं तो मत पढ़ो” जैसे गैर-जिम्मेदाराना जवाब दिए गए।

बदहाल हॉस्टल, खाने में कीड़े और टीसी काटने की धमकी

केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि आवासीय व्यवस्था को लेकर भी स्थिति बेहद नारकीय बनी हुई है।

छात्रों ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि हॉस्टल के बाथरूम गंदे पड़े हैं और पीने के साफ पानी की भारी किल्लत है। भोजन की गुणवत्ता इतनी दयनीय है कि खाने की थाली में अक्सर कीड़े निकल रहे हैं। जब छात्रों ने इन अव्यवस्थाओं का सामूहिक विरोध किया, तो विद्यालय प्रशासन द्वारा उन्हें दबाने की कोशिश की गई। छात्रों का दावा है कि आवाज उठाने पर उन्हें स्कूल से टीसी काटने, कारण बताओ नोटिस जारी करने और पुलिस एफआईआर कराने तक की धमकियां दी गईं।

विद्यार्थियों ने अपने पसंदीदा पुराने शिक्षकों और हॉस्टल वार्डन को तत्काल वापस लाने की मांग की है, जो उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए सही मार्गदर्शन और मोटिवेशन देते थे।

एसडीएम मनीष वर्मा ने लिया संज्ञान, हर सप्ताह करेंगे निरीक्षण

छात्रों के उग्र रुख और शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए अनुविभागीय अधिकारी (SDM) मनीष वर्मा ने मामले में हस्तक्षेप किया है।

  • सुधार का भरोसा: एसडीएम ने छात्रों से सीधे बातचीत की और भोजन, पानी, स्वच्छता व हॉस्टल से जुड़ी तमाम समस्याओं के समाधान का स्पष्ट भरोसा दिया।

  • साप्ताहिक निरीक्षण: एसडीएम मनीष वर्मा ने घोषणा की कि वे स्वयं हर सप्ताह प्रयास आवासीय विद्यालय के हॉस्टल का औचक निरीक्षण करेंगे ताकि सुधार की वास्तविक स्थिति देखी जा सके।

  • कोऑर्डिनेटर पर अनुशासनात्मक कार्रवाई: विद्यालय के कोऑर्डिनेटर के अड़ियल रवैये और शिकायतों पर एसडीएम ने कहा कि पहले नियमानुसार समझाइश दी जाएगी, और यदि उनके व्यवहार में सुधार नहीं हुआ तो कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

बड़ा सवाल: क्या केवल आश्वासन से सुधरेगा भविष्य?

प्रयास आवासीय विद्यालय राज्य सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण और प्रतिभावान बच्चों को मुकाम तक पहुंचाना है। ऐसे में जगदलपुर के धुरगुड़ा स्कूल में सामने आईं यह खामियां पूरे तंत्र पर सवालिया निशान खड़ा करती हैं। अब देखना यह होगा कि एसडीएम के आश्वासन के बाद कागजी दावों से इतर धरातल पर वास्तविक बदलाव देखने को मिलता है या नहीं।

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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