Wednesday, September 9, 2026
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अंग्रेजी का एक अक्षर पड़ा भारी अब SIR का नोटिस! क्या भारत रत्न विजेता वैज्ञानिक CNR राव को भी साबित करनी होगी खुद की पहचान

Bharat Ratna CNR Rao Voter List Controversy:  निशानेबाज न्यूज़ डेस्क- देश के सबसे प्रख्यात वैज्ञानिक और सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजे जा चुके प्रोफेसर सीएनआर राव को लेकर एक बेहद हैरान करने वाली खबर सामने आई है। 92 वर्ष की उम्र में अब उन्हें अपनी ही असली पहचान साबित करने के लिए औपचारिक सुनवाई का सामना करना पड़ सकता है। सरकारी प्रक्रिया के दौरान उनके नाम के रिकॉर्ड में एक छोटी सी गलती दर्ज हो गई, जिसके बाद भारत रत्न सीएनआर राव नोटिस विवाद तेजी से तूल पकड़ रहा है और लोग प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं।

सिर्फ एक अक्षर का फेर और बदल गई पहचान
पूरा मामला मतदाता सूची की जानकारी में अंतर से जुड़ा हुआ है। पुराने आधिकारिक दस्तावेजों में उनका नाम ‘Prof. C.N.R. Rao’ दर्ज था, लेकिन मौजूदा डेटाबेस में पद के आगे गलती से एक एक्स्ट्रा ‘f’ जुड़ जाने की वजह से वह ‘Proff. CNR Rao’ हो गया। इस मामूली सी स्पेलिंग की गड़बड़ी के कारण उन्हें नोटिस जारी कर यह साबित करने को कहा गया है कि वह वही दिग्गज वैज्ञानिक हैं जिन्होंने विज्ञान जगत में इतिहास रचा। इस घटना के बाद से भारत रत्न सीएनआर राव नोटिस विवाद सोशल मीडिया और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।

खराब स्वास्थ्य के बीच सुनवाई की चिंता
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह नोटिस मल्लेश्वरम स्थित दफ्तर में सुनवाई के लिए भेजा गया है। हालांकि, उनके करीबियों का कहना है कि बढ़ती उम्र और अस्वस्थता के कारण प्रो. राव न तो खुद ईमेल देखते हैं और न ही फोन का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं। वोटर लिस्ट की सुधार प्रक्रिया यानी एसआईआर (SIR) के तहत लगभग 43 लाख से अधिक मतदाताओं को ‘सेल्फ-मिसमैच’ के कारण ऐसे नोटिस थमाए गए हैं। इस बड़े तकनीकी पचड़े के सामने आने से भारत रत्न सीएनआर राव नोटिस विवाद ने चुनावी रिकॉर्ड्स के डिजिटलाइजेशन की खामियों को उजागर कर दिया है।

कई मशहूर हस्तियां भी आ चुकी हैं इस घेरे में
गौर करने वाली बात यह है कि देश का नाम रोशन करने वाले प्रो. सीएनआर राव अकेले ऐसे व्यक्ति नहीं हैं जो इस परेशानी का सामना कर रहे हैं। इससे पहले कई पद्मश्री पुरस्कार विजेताओं, पूर्व राजदूत नवदीप सूरी, नोबेल पुरस्कार प्राप्त अर्थशास्त्रियों और यहां तक कि भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को भी ऐसे कागजी नोटिस मिल चुके हैं। महान हस्तियों के साथ हो रही इस तरह की प्रशासनिक चूक के चलते भारत रत्न सीएनआर राव नोटिस विवाद अब एक बेहद संवेदनशील और गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है।

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