Bijapur Tendu Leaf Fire Case: तेंदूपत्ता आगजनी कांड में नया मोड़ निलंबित वन रक्षक ने अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप, कहा- मुझे बनाया गया बलि का बकरा

Bijapur Tendu Leaf Fire Case: बीजापुर। ईटपाल तेंदूपत्ता गोदाम में हुई भीषण आगजनी की घटना के बाद अब मामला नया मोड़ लेता नजर आ रहा है। इस आगजनी में सरकार को भारी नुकसान उठाना पड़ा था, जहां करीब 25 हजार मानक बोरा तेंदूपत्ता जलकर राख हो गया था। घटना के बाद विभाग ने कार्रवाई करते हुए बीजापुर वनमंडलाधिकारी को रायपुर अटैच कर दिया, वहीं वन रक्षक कामेश्वर एनका को निलंबित कर दिया गया। अब निलंबित वन रक्षक ने विभागीय अधिकारियों को पत्र लिखकर खुद को निर्दोष बताते हुए निलंबन आदेश पर पुनर्विचार की मांग की है।

Bijapur Tendu Leaf Fire Case: कामेश्वर एनका ने उपनिदेशक, इंद्रावती टाइगर रिजर्व को सौंपे आवेदन में कहा है कि उन्हें 19 मई को डीएफओ द्वारा जारी आदेश के तहत गोदाम सहायक की जिम्मेदारी दी गई थी। उनका कहना है कि जिस स्थान पर उनकी ड्यूटी लगाई गई थी, वहां तेंदूपत्ता परिवहन के लिए कोई वाहन नहीं पहुंच रहा था। ऐसे में उन्हें मौखिक निर्देश देकर अलग-अलग ब्लॉकों में भेजा जाता था, जिससे उनकी नियमित जिम्मेदारियां भी प्रभावित हो रही थीं।

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Bijapur Tendu Leaf Fire Case:वन रक्षक ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि जिस दिन गोदाम में आग लगी, उस समय वह मौके पर मौजूद थे और आग बुझाने के लिए उन्होंने अपनी ओर से हरसंभव प्रयास किया। लेकिन आग इतनी तेजी से फैल चुकी थी कि सीमित संसाधनों के कारण उस पर काबू पाना संभव नहीं हो सका। उन्होंने दावा किया कि आग बुझाने के दौरान उन्होंने पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ काम किया, बावजूद इसके उन्हें कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है।

Bijapur Tendu Leaf Fire Case: कामेश्वर एनका ने आरोप लगाया कि आगजनी के दौरान गोदाम प्रभारी दीनानाथ गोसाईं स्थिति को संभालने और आग बुझाने में सहयोग करने के बजाय अपनी निजी गाड़ी को सुरक्षित निकालने में व्यस्त थे। इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी दावा किया कि घटना के समय गोदाम की निगरानी और नियंत्रण के लिए जिम्मेदार वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर मौजूद नहीं थे। ऐसे में पूरी जिम्मेदारी केवल एक वन रक्षक पर डालना न्यायसंगत नहीं है।

Bijapur Tendu Leaf Fire Case: निलंबित वन रक्षक का कहना है कि उन्हें इस पूरे मामले में “बलि का बकरा” बनाया गया है, जबकि आगजनी की घटना के लिए जिम्मेदार अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने विभाग से मांग की है कि उनके खिलाफ जारी निलंबन आदेश पर पुनर्विचार किया जाए और मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए।

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Bijapur Tendu Leaf Fire Case: कामेश्वर एनका ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी बात नहीं सुनी गई और न्याय नहीं मिला, तो वे अपने अधिकारों की रक्षा के लिए न्यायालय की शरण लेने को मजबूर होंगे। अब देखना होगा कि विभाग इस आवेदन पर क्या रुख अपनाता है और आगजनी मामले की जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है।

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