Dewas Storm Damage: देवास। मध्य प्रदेश के देवास जिले से शनिवार को चक्रवाती आंधी और मूसलाधार बारिश के बीच तबाही की एक और रोंगटे खड़े कर देने वाली तस्वीर सामने आई है। जिले के हटेसिंह गोयल कॉलोनी क्षेत्र में अचानक आए तेज आंधी-तूफान ने पूरे इलाके में भारी दहशत और अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया। तूफान का असर इतना भयावह था कि क्षेत्र में स्थित भोलेनाथ मंदिर के ठीक सामने बने एक छात्रावास (Hostel) की छत पर स्थापित विशालकाय लोहे के शेड हवा के भारी दबाव के कारण उखड़ गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ये भारी-भरकम शेड चक्रवात की चपेट में आकर करीब 50 से 60 फीट ऊपर हवा में उड़ गए और पास ही स्थित तीन रिहायशी मकानों की छतों के ऊपर जा गिरे। इस अप्रत्याशित हादसे से घरों के भीतर मौजूद लोग सहम गए और चीख-पुकार मच गई।
स्थानीय निवासियों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, इस प्राकृतिक आपदा के दौरान हवाओं की रफ्तार इतनी तेज थी कि इलाके में लगा एक पुराना विशालकाय पेड़ भी जड़ से उखड़कर सरेआम जमींदोज हो गया। पेड़ गिरने और उड़ते हुए मलबे की चपेट में आने से पास ही सड़क पर खड़ी एक कार के कांच पूरी तरह से चकनाचूर हो गए। इस पूरे घटनाक्रम में सबसे चमत्कारिक और राहत की बात यह रही कि लोहे के ये भारी शेड गली से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन को पार करते हुए मकानों पर गिरे। यदि ये शेड हाईटेंशन तारों पर उलझ जाते, तो पूरे इलाके में करंट फैलने से भीषण जानहानि हो सकती थी। फिलहाल इस हादसे में किसी भी व्यक्ति के घायल होने या हताहत होने की कोई सूचना नहीं है।
इस भयंकर हादसे और नुकसान की सूचना मिलते ही स्थानीय वार्ड पार्षद, नगर निगम का अमला और बिजली विभाग की आपातकालीन टीमें बिना वक्त गंवाए तत्काल भारी लाव-लश्कर के साथ मौके पर पहुंच गईं। क्षेत्र की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बिजली विभाग ने सबसे पहले पूरे इलाके की विद्युत आपूर्ति को बंद किया। इसके बाद नगर निगम की टीम ने युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाते हुए जेसीबी (JCB) मशीनों के माध्यम से मकानों की छतों पर फंसे भारी-भरकम लोहे के शेड्स और सड़क पर गिरे पेड़ को हटाने का काम शुरू किया।
प्रभावित क्षेत्र के रहवासियों और वार्ड पार्षद ने प्रशासनिक मुस्तैदी की सराहना की है, लेकिन साथ ही मांग की है कि निजी व सरकारी भवनों पर अस्थाई रूप से लगाए गए ऐसे भारी शेड्स की मजबूती की जांच की जानी चाहिए ताकि भविष्य में मौसम खराब होने पर ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति न हो सके। फिलहाल नगर निगम और प्रशासन की टीमें नुकसान का आकलन करने और प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने में जुटी हुई हैं।









