Siddheshwar Mandir Barwani News : बड़वानी : जिला मुख्यालय पर महाशिवरात्रि का पर्व हर्षोल्लास और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है। शहर के ऐतिहासिक और आस्था के केंद्र सिद्धेश्वर मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। भक्तों ने राजघाट पर मां नर्मदा के पवित्र जल में डुबकी लगाकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया और सुख-समृद्धि की कामना की।
25 वर्षों से जारी है सेवा का संकल्प
महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर अभिभाषक संघ और मित्र मंडल द्वारा विशाल प्रसादी वितरण का आयोजन किया गया। इस आयोजन का यह 25वां रजत जयंती वर्ष है। वरिष्ठ अभिभाषक पुरुषोत्तम मुकाती ने बताया कि इस वर्ष लगभग 28 से 29 क्विंटल साबूदाने की खिचड़ी तैयार की गई थी, जिसका वितरण सुबह 10 बजे से निरंतर शाम 4 बजे तक किया गया। प्रसादी ग्रहण करने के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं।
परिक्रमा वासियों का प्रमुख केंद्र
सिद्धेश्वर मंदिर समिति के प्रमोद जोशी के अनुसार, यह मंदिर अत्यंत प्राचीन और चमत्कारी माना जाता है। नर्मदा परिक्रमा पथ पर स्थित होने के कारण यहाँ पैदल और वाहनों से आने वाले परिक्रमा वासियों की भारी भीड़ रहती है। मंदिर समिति द्वारा भक्तों और परिक्रमा वासियों के लिए ठहरने, भोजन और अन्य सुविधाओं का पुख्ता प्रबंध किया गया है। मान्यता है कि यह मंदिर राजा-महाराजाओं के काल से ही भक्तों की आस्था का केंद्र रहा है।
भक्ति के रंग में रंगा शहर
मंदिर में तड़के 5 बजे से ही पूजा-अर्चना का दौर शुरू हो गया था। विशेष रूप से महिलाओं और कन्याओं ने दीप-बत्तियाँ जलाकर भोलेनाथ की आराधना की। पूरे दिन मंदिर परिसर ‘हर-हर महादेव’ और ‘ओम नमः शिवाय’ के उद्घोष से गुंजायमान रहा। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस प्रशासन और मंदिर के स्वयंसेवकों ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बेहतर इंतजाम किए।
प्रमोद जोशी, सिद्धेश्वर मंदिर समिति
“इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या पिछले वर्षों की तुलना में कहीं अधिक है। यह मंदिर नर्मदा परिक्रमा पथ का मुख्य पड़ाव है, इसलिए हम परिक्रमा वासियों की सेवा के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं।”
पुरुषोत्तम मुकाती, वरिष्ठ सदस्य, अभिभाषक संघ
“अभिभाषक संघ एवं मित्र मंडल पिछले 25 वर्षों से यह सेवा कार्य कर रहा है। हमने 29 क्विंटल साबूदाना खिचड़ी का वितरण किया है और हर साल भक्तों का उत्साह बढ़ता ही जा रहा है।”











