Monday, August 17, 2026
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M.P News : हिमांगी सखी बनीं देश की पहली किन्नर शंकराचार्य! 10 किन्नर संत बने महामंडलेश्वर, 200 किन्नरों की घर वापसी

निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में महाशिवरात्रि के अवसर पर आयोजित एक भव्य धार्मिक समारोह ने इतिहास रच दिया। लालघाटी क्षेत्र में हुए इस विशेष आयोजन में किन्नर अखाड़ा ने हिमांगी सखी को देश की पहली किन्नर शंकराचार्य घोषित किया। देशभर से पहुंचे किन्नर संतों, महामंडलेश्वरों और श्रद्धालुओं की मौजूदगी में वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक विधि-विधान के साथ उनका पट्टाभिषेक संपन्न हुआ।

भव्य पट्टाभिषेक और नई धार्मिक जिम्मेदारी

समारोह का मुख्य आकर्षण हिमांगी सखी का औपचारिक अभिषेक रहा। पट्टाभिषेक के बाद उन्हें कई धार्मिक उपाधियाँ प्रदान की गईं। अब वे सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार के साथ-साथ किन्नर समुदाय के आध्यात्मिक और सामाजिक मार्गदर्शन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाएंगी। आयोजन में किन्नर अखाड़ा के संस्थापक ऋषि अजय दास सहित कई प्रमुख संत उपस्थित रहे।

200 से अधिक किन्नरों की ‘घर वापसी’

कार्यक्रम के दौरान एक विशेष अनुष्ठान में 200 से अधिक धर्मांतरित किन्नरों ने पुनः सनातन परंपरा में लौटने की घोषणा की। शुद्धिकरण विधि, गंगाजल स्नान और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यह प्रक्रिया संपन्न हुई। आयोजनकर्ताओं ने इसे समुदाय की धार्मिक पहचान और आत्मसम्मान से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम बताया।

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10 किन्नर संत बने महामंडलेश्वर

संगठन विस्तार के तहत 10 प्रमुख किन्नर संतों को महामंडलेश्वर की उपाधि दी गई।

  • सागर: रानी ठाकुर

  • भोपाल: काजल ठाकुर

  • राजस्थान (सीकर): माही सनातनी

इन नियुक्तियों को किन्नर समुदाय के नेतृत्व को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

भक्ति, उत्सव और सामाजिक संदेश

पूरे समारोह के दौरान लालघाटी क्षेत्र भक्ति और उत्साह से सराबोर रहा। ढोल-मजीरों के साथ भजन-कीर्तन, साधना और धार्मिक अनुष्ठानों ने वातावरण को आध्यात्मिक बना दिया। आयोजकों के अनुसार यह कार्यक्रम केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि किन्नर समुदाय के सम्मान, पहचान और सहभागिता का प्रतीक भी है।

भोपाल में हुआ यह आयोजन धार्मिक परंपरा और सामाजिक परिवर्तन—दोनों दृष्टियों से एक ऐतिहासिक पड़ाव के रूप में देखा जा रहा है।

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