निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : भारत की तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के बीच अब ग्लोबल इंडस्ट्री की बड़ी कंपनियां भी देश में निवेश और तकनीकी सहयोग बढ़ाने को उत्सुक दिख रही हैं। इसी कड़ी में रोल्स-रॉयस के CEO तुफान एर्गिनबिल्गिक ने 11 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर भारत में कंपनी की भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की। कंपनी के अनुसार यह बातचीत भारत को ‘विकसित भारत’ बनाने के लक्ष्य में साझेदारी को मजबूत करने पर केंद्रित रही।
भारत में ग्लोबल सेंटर और मैन्युफैक्चरिंग विस्तार
रोल्स-रॉयस ने संकेत दिए हैं कि वह भारत में अपना एक बड़ा ग्लोबल सेंटर स्थापित करने, मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं का विस्तार करने और इंजीनियरिंग सेक्टर में निवेश बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने भी सोशल मीडिया पर इस मुलाकात का उल्लेख करते हुए भारत में कंपनी की गतिविधियों के विस्तार और युवाओं के साथ साझेदारी के उत्साह का स्वागत किया।
भारत को ‘होम मार्केट’ बनाने की रणनीति
पिछले वर्ष भारत-यूके वार्ताओं के दौरान भी कंपनी ने भारत को दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदार बताया था। CEO एर्गिनबिल्गिक ने कहा कि भारत के साथ रोल्स-रॉयस का संबंध पुराना और मजबूत रहा है, और कंपनी देश को अपने प्रमुख होम मार्केट्स में शामिल करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहती है।
रक्षा, ऊर्जा और AI क्षेत्र में सहयोग
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि विमानन, रक्षा और ऊर्जा क्षेत्रों में उसका अनुभव भारत की आत्मनिर्भरता को मजबूत कर सकता है। साथ ही भारत में वर्ल्ड-क्लास आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम विकसित करने में भी सहयोग की संभावना जताई गई है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि प्रस्तावित निवेश और तकनीकी सहयोग आगे बढ़ता है, तो यह भारत को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग और हाई-टेक इनोवेशन हब बनने की दिशा में महत्वपूर्ण गति दे सकता है।













