रीवा : Rewa News : मध्यप्रदेश सरकार भले ही प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर होने का दावा करती हो, लेकिन स्वास्थ्य मंत्री के ही विधानसभा क्षेत्र में स्थित एक संजीवनी क्लिनिक की चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। रीवा नगर निगम के वार्ड क्रमांक 9 में स्थित यह क्लिनिक पिछले 23 सालों से बिजली चोरी कर चलाया जा रहा है। इस गंभीर लापरवाही के कारण यहां मरीजों को वैक्सीन जैसी मूलभूत सुविधा भी नहीं मिल पा रही है।
Rewa News : 23 सालों से बिजली चोरी का खेल
बताया गया है कि यह भवन लगभग 20 साल पहले एक सिविल डिस्पेंसरी हुआ करता था, जिसे 3 साल पहले उन्नत कर संजीवनी क्लिनिक का दर्जा दिया गया। लेकिन, पिछले 23 सालों से न तो स्वास्थ्य विभाग और न ही यहां के चिकित्सकों ने स्थायी बिजली कनेक्शन लेने की कोशिश की।
बिजली की सुचारू व्यवस्था न होने के कारण क्लिनिक में वैक्सीन भंडारण के लिए फ्रीजर या डीप फ्रीजर जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, वैक्सीन को सुरक्षित रखने के लिए 2 से 8 डिग्री सेल्सियस का तापमान जरूरी होता है, जो बिजली के बिना संभव नहीं है। यही वजह है कि यहां मरीजों को वैक्सीनेशन की सुविधा नहीं मिल पा रही है।
बिजली विभाग भी लापरवाह
एक तरफ सरकार बिजली चोरी रोकने के लिए डिजिटल ऐप और विशेष थाने बना रही है, वहीं दूसरी तरफ इस क्लिनिक में 23 साल से हो रही बिजली चोरी पर किसी भी अधिकारी या कर्मचारी ने ध्यान नहीं दिया। अब सवाल यह उठता है कि इस लंबी अवधि में हुई बिजली चोरी की भरपाई कौन करेगा।
इस मामले पर प्रभारी कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने कहा है कि पूरे मामले की जांच करवाई जाएगी और जो भी इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह घटना सरकार के दावों और जमीनी हकीकत के बीच के बड़े अंतर को दर्शाती है।













