Gariaband News : 33 लाख के धान घोटाले से हड़कंप, मैनेजर गिरफ्तार पर क्या सिर्फ वही जिम्मेदार?…

Parivesh
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गरियाबंद : Gariaband News : छत्तीसगढ़ के देवभोग में धान खरीदी केंद्र में बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। लगभग 33 लाख रुपए के धान के गबन के आरोप में पुलिस ने समिति के प्रभारी प्रबंधक चंदनसिंह राजपूत को गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना ने एक बार फिर से धान खरीदी केंद्रों की निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

 Gariaband News : क्या है पूरा मामला?

मामला देवभोग के झाखरपारा धान उपार्जन केंद्र का है। सहकारिता विभाग की शिकायत के बाद पुलिस ने प्रभारी प्रबंधक चंदनसिंह राजपूत के खिलाफ धोखाधड़ी और गबन का मामला दर्ज किया। उन पर खरीदी वर्ष 2024-25 में 1063.20 क्विंटल धान का गबन कर सरकार को 32,95,920 रुपए की आर्थिक क्षति पहुंचाने का आरोप है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और आज उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा।

दोषी सिर्फ एक शख्स?

थाना प्रभारी फैजुल होदा शाह ने बताया कि जांच जारी है और जो भी इस मामले में दोषी पाया जाएगा, उसे सह-आरोपी बनाया जाएगा। यह मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि आरोपी चंदनसिंह राजपूत एक दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी है। यह एक चौंकाने वाली बात है कि करोड़ों रुपए की धान खरीदी की जिम्मेदारी एक अस्थाई कर्मचारी के हाथ में थी। जिले में ऐसे 20 से ज्यादा सहकारी समितियों और 30 से अधिक खरीदी केंद्रों की जिम्मेदारी ऐसे ही दैनिक वेतन भोगियों को दी गई है, जो मिलीभगत की ओर इशारा करता है।

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मॉनिटरिंग पर उठे सवाल

इस घोटाले ने निगरानी व्यवस्था पर भी सवालिया निशान लगा दिए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, मई महीने में ऑनलाइन रिकॉर्ड में 2708.56 क्विंटल धान बचा हुआ था, लेकिन जून में जब दोबारा जांच हुई तो 1363.20 क्विंटल की कमी पाई गई। आरोपी ने 300 क्विंटल की भरपाई तो कर दी, लेकिन बाकी धान का हिसाब नहीं दे सका। बड़ा सवाल यह है कि धान की कमी इतने लंबे समय तक क्यों नहीं पकड़ी गई, जबकि खरीद से लेकर भंडारण तक कई स्तरों पर निगरानी होनी चाहिए थी।

पुराना पैटर्न, नई घटना

यह पहली बार नहीं है जब झाखरपारा केंद्र में इस तरह की गड़बड़ी हुई है। 2015 में भी यहां 60 लाख रुपए का गबन हुआ था, जिसमें 6 लोगों को जेल भेजा गया था। तब भी इसी पैटर्न में धान के बिना ही भुगतान कर दिया गया था। लगता है, इस बार भी उसी तरह की साजिश रची गई, लेकिन बड़े जिम्मेदार खुद को बचाकर सारा ठीकरा एक छोटे कर्मचारी पर फोड़ रहे हैं।

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