रीवा : मध्यप्रदेश के रीवा शहर में आइसक्रीम खाने के बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया है। घटना अमहिया थाना क्षेत्र स्थित पीटीएस इलाके की बताई जा रही है, जहां अस्पताल चौराहे पर मौजूद संस्कार स्वीट एंड डेयरी से खरीदी गई आइसक्रीम खाने के बाद कई बच्चों को संक्रमण और तबीयत खराब होने की शिकायत हुई।घटना के बाद परिजनों में आक्रोश है और फूड सेफ्टी विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
आइसक्रीम खाते ही बिगड़ी तबीयत
पीड़ित मोहम्मद अनीस अंसारी के मुताबिक खरीदी गई आइसक्रीम का स्वाद असामान्य और खराब था। बच्चों ने जैसे ही आइसक्रीम खाई, उनकी तबीयत बिगड़ने लगी और संक्रमण जैसे लक्षण दिखाई देने लगे।स्थिति बिगड़ने पर बच्चों को अस्पताल ले जाना पड़ा, जहां उनका इलाज कराया गया।
शिकायत पर सप्लायर मौके से फरार
परिजनों ने जब इस मामले की शिकायत करने दुकान पहुंचे, तो वहां मौजूद सप्लायर बिना कोई जवाब दिए मौके से भाग निकला। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ गई।
सूत्रों का दावा है कि यह आइसक्रीम नागपुर ब्रांड के नाम पर सीधी जिले से रीवा लाई जा रही थी और स्थानीय दुकानों में सप्लाई की जा रही थी।
ब्रांडेड लेबल के नाम पर लोकल माल?
अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या यह वास्तव में किसी ब्रांडेड कंपनी की आइसक्रीम थी या फिर लोकल स्तर पर तैयार उत्पाद को बड़े ब्रांड का लेबल लगाकर बेचा जा रहा था।लोगों का आरोप है कि घटिया सामग्री और खराब क्वालिटी की आइसक्रीम बच्चों की सेहत के लिए खतरा बन रही है।
फूड विभाग की कार्यशैली पर सवाल
भीषण गर्मी के बीच शहर में जगह-जगह खुलेआम आइसक्रीम बेची जा रही है, लेकिन खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से कोई सख्त कार्रवाई नजर नहीं आ रही।स्थानीय लोगों ने मांग की है कि मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और संदिग्ध खाद्य सामग्री की जांच कराई जाए।











