Lormi Leopard Death Case:साजिद खान/ छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के लोरमी वन परिक्षेत्र से सामने आया लोरमी तेंदुआ मौत मामला अब केवल एक वन्यजीव की मौत तक सीमित नहीं रह गया है। ग्राम कंचनपुर के पास एक तेंदुए का शव मिलने के बाद जहां इलाके में सनसनी फैल गई, वहीं इस पूरे घटनाक्रम ने वन विभाग की कार्यप्रणाली और जिम्मेदारी को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार लोरमी तेंदुआ मौत मामला तब सामने आया जब ग्रामीणों ने गांव के नजदीक तेंदुए का शव देखा। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंची, लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि मौके पर कोई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद नहीं था।ग्रामीणों का कहना है कि इतने बड़े वन्यजीव की मौत के बाद अधिकारियों की उपस्थिति और जांच की गंभीरता जरूरी थी। लेकिन हालात ऐसे बने कि तेंदुए के अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी फॉरेस्ट गार्ड और गांव वालों को ही संभालनी पड़ी।
आखिर कैसे हुई तेंदुए की मौत, अभी तक नहीं मिला जवाब
सबसे बड़ा सवाल यही है कि लोरमी तेंदुआ मौत मामला आखिर किन परिस्थितियों में हुआ। क्या तेंदुए की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई, किसी बीमारी की वजह से हुई या इसके पीछे कोई दूसरी वजह है, इसका जवाब अभी सामने नहीं आया है।वन विभाग ने शव का पोस्टमार्टम करवाया है और अब रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। यही रिपोर्ट तेंदुए की मौत के असली कारण से पर्दा उठाएगी।
वन्यजीव संरक्षण के दावों पर उठने लगे सवाल
लोरमी तेंदुआ मौत मामला ने वन्यजीव सुरक्षा के दावों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर सरकार और विभाग जंगलों में वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए कई योजनाओं की बात करते हैं, वहीं दूसरी ओर एक संरक्षित वन्यजीव की संदिग्ध मौत के बाद अधिकारियों की गैरमौजूदगी चर्चा का विषय बन गई है।स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से तेंदुए समेत कई वन्यजीवों की आवाजाही होती रही है। ऐसे संवेदनशील इलाके में किसी भी घटना को पूरी गंभीरता के साथ लिया जाना चाहिए।
क्या जांच में सामने आएगी पूरी सच्चाई?
अब लोरमी तेंदुआ मौत मामला की सच्चाई पोस्टमार्टम और विभागीय जांच रिपोर्ट के सामने आने के बाद ही साफ हो पाएगी। लोगों की मांग है कि मौत की वजह का खुलासा किया जाए और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो।इस मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जंगल के बेजुबान जीवों की सुरक्षा के लिए बनाई गई व्यवस्था जमीनी स्तर पर कितनी मजबूत है।
ग्रामीणों की नाराजगी, जवाब का इंतजार
ग्रामीणों के बीच इस घटना को लेकर नाराजगी और चिंता दोनों देखी जा रही है। उनका मानना है कि लोरमी तेंदुआ मौत मामला में समय पर वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी से जांच प्रक्रिया पर लोगों का भरोसा और मजबूत होता।अब हर किसी की नजर वन विभाग की अगली कार्रवाई और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हुई है। यह रिपोर्ट न सिर्फ तेंदुए की मौत का कारण बताएगी, बल्कि पूरे मामले में उठ रहे सवालों के जवाब भी तलाशेगी।









