Raipur Karchuliyan Police : रीवा: जिले के रायपुर कर्चुलियान थाना क्षेत्र में हुई एक दुखद सड़क दुर्घटना के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए थे। मामले में एफआईआर (FIR) दर्ज करने में देरी और विवेचना में घोर लापरवाही बरतने के आरोप में पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र सिंह चौहान ने रायपुर कर्चुलियान के थाना प्रभारी अतुल त्रिपाठी और एक उप निरीक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
क्या था मामला? फरवरी माह में थाना क्षेत्र के कोष्ठा इलाके में एक भीषण सड़क हादसा हुआ था, जिसमें तीन युवकों की दर्दनाक मौत हो गई थी। परिजनों का आरोप है कि घटना के 7 दिन बीत जाने के बाद भी थाना प्रभारी ने न तो एफआईआर दर्ज की और न ही घटनाक्रम की सही तरीके से विवेचना की। इससे व्यथित होकर मृतक के परिजनों ने एसपी शैलेंद्र सिंह चौहान से मिलकर लिखित शिकायत की थी।
डीएसपी की जांच में दोषी पाए गए अधिकारी: शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसपी ने एक डीएसपी स्तर के अधिकारी को मामले की जांच सौंपी। जांच के दौरान यह पाया गया कि थाना प्रभारी और उनके मातहत ने इस अत्यंत संवेदनशील मामले में लापरवाही बरती है। जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट तौर पर थाना प्रभारी और संबंधित उप निरीक्षक की भूमिका को संदिग्ध और गैर-जिम्मेदाराना पाया। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद एसपी ने दोनों अधिकारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई सुनिश्चित की है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने दी जानकारी: अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने निलंबन की पुष्टि करते हुए बताया कि सड़क दुर्घटना जैसे गंभीर मामलों में त्वरित एफआईआर और विधि अनुरूप विवेचना अनिवार्य होती है, लेकिन उक्त प्रकरण में थाना प्रभारी द्वारा लापरवाही बरती गई थी, जिसके चलते उन्हें पद से हटाकर निलंबित कर दिया गया है।
बाईट (आरती सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, रीवा): “फरवरी माह में हुए सड़क हादसे के मामले में रायपुर कर्चुलियान थाना प्रभारी और एक उप निरीक्षक द्वारा एफआईआर में देरी और विवेचना में लापरवाही बरती गई थी। परिजनों की शिकायत और डीएसपी स्तर की जांच रिपोर्ट में आरोप सही पाए जाने पर पुलिस अधीक्षक द्वारा दोनों अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई पुलिस की जवाबदेही तय करने के लिए की गई है।”










