Friday, September 11, 2026
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Raipur Crime: वाहन चोर गिरोह का पुलिस ने किया भंडाफोड़, बर्खास्त पुलिसकर्मी समेत 4 गिरफ्तार; इनोवा, बुलेट, KTM और ट्रैक्टर चोरी का खुलासा

Raipur Crime
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Raipur Crime: रायपुर। रायपुर ग्रामीण पुलिस ने वाहन चोरी के एक कथित गिरोह का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, गिरोह का मुख्य आरोपी साहिल राय है। गिरफ्तार आरोपियों में महासमुंद का बर्खास्त पुलिसकर्मी दिनेश कुमार टंडन भी शामिल है। पूछताछ के दौरान पुलिस को रायपुर के अलग-अलग इलाकों से कई दोपहिया वाहनों के साथ ट्रैक्टर चोरी किए जाने की जानकारी मिली है।

पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर गैरेज के बाहर से चोरी की गई इनोवा क्रिस्टा बरामद की है। जांच में बुलेट, KTM, एक्टिवा और स्प्लेंडर समेत अन्य वाहनों की चोरी और उन्हें अलग-अलग लोगों के माध्यम से बेचने की जानकारी भी सामने आने की बात कही गई है।

गैरेज में एक्टिवा बनवाने पहुंचा, इनोवा की चाबी लेकर निकला

पुलिस के अनुसार, मामले की शुरुआत विधानसभा थाना क्षेत्र के ग्राम दोदेखुर्द स्थित रूद्रांश मोटर गैरेज से इनोवा क्रिस्टा चोरी होने की शिकायत से हुई। गैरेज के बाहर खड़ी सफेद रंग की इनोवा क्रिस्टा क्रमांक CG 04 NL 2725 चोरी होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की।

जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी साहिल राय एक्टिवा की मरम्मत कराने के बहाने गैरेज पहुंचा था। उस समय वहां कोई मौजूद नहीं था। पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान आरोपी ने इनोवा की चाबी अपने पास रख ली।

इसके बाद 5 सितंबर की रात करीब 11:30 बजे वह दोदेखुर्द स्थित गैरेज पहुंचा और कथित तौर पर उसी चाबी से इनोवा का लॉक खोलकर वाहन लेकर निकल गया।

समोदा में खराब हुआ टायर, मंदिर के पास खड़ी कर दी कार

पुलिस के मुताबिक, इनोवा लेकर आरोपी समोदा की तरफ गया। वहां कार का टायर खराब हो गया। इसके बाद उसने वाहन को मेला स्थल के पास मंदिर के नजदीक खड़ा कर दिया और कथित तौर पर उसी कार में रात गुजारी।

सुबह आरोपी ने कार को लॉक किया और वहां से चला गया। दूसरी ओर, वाहन चोरी की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू किए।

CCTV फुटेज से पुलिस को मिला सुराग

सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस को साहिल राय पर संदेह हुआ। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में इनोवा चोरी की बात सामने आई। इसके बाद उसकी निशानदेही पर इनोवा क्रिस्टा CG 04 NL 2725 और उसकी चाबी बरामद की गई।

इनोवा चोरी की जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी से अन्य साथियों और पुरानी वारदातों के बारे में पूछताछ की। पुलिस का कहना है कि इसी पूछताछ में कई अन्य वाहन चोरी की घटनाओं की जानकारी सामने आई।

मेकाहारा इलाके से बुलेट और KTM चोरी

पुलिस के मुताबिक, साहिल ने करीब एक साल पहले मेकाहारा चिरघर के पास से बुलेट चोरी करने की बात स्वीकार की। इसके कुछ दिन बाद इसी इलाके से KTM मोटरसाइकिल चोरी करने की जानकारी भी पूछताछ में सामने आई।

पुलिस के अनुसार, चोरी की बुलेट को संजीव दत्ता के माध्यम से अमरजीत उर्फ बंटी को करीब 20 हजार रुपये में बेचने की बात सामने आई है।

घड़ी चौक पार्किंग से भी चोरी की बुलेट

पूछताछ में घड़ी चौक स्थित पार्किंग से एक अन्य बुलेट चोरी करने की जानकारी भी सामने आई। पुलिस के मुताबिक, इस वाहन को भी संजीव दत्ता के माध्यम से अमरजीत उर्फ बंटी को करीब 20 हजार रुपये में बेचने की बात कही गई है।

आमासिवनी से चोरी की बुलेट ओडिशा भेजने का दावा

पुलिस के अनुसार, आमासिवनी मेन रोड से भी एक बुलेट चोरी की गई थी। पूछताछ में साहिल ने इस वाहन को संजीव दत्ता के साथ मिलकर ओडिशा में परिचित पितबास को बेचने की बात बताई है। पुलिस इस जानकारी का सत्यापन कर रही है।

शराब दुकान से स्प्लेंडर चोरी का मामला

पुलिस के मुताबिक, करीब 5 से 6 महीने पहले आमासिवनी स्थित शराब दुकान से स्प्लेंडर मोटरसाइकिल चोरी की गई थी। इस वारदात में साहिल के भाई अभिषेक राय के शामिल होने की जानकारी पूछताछ में सामने आई है। इस वाहन को लेकर पंडरी थाना पुलिस द्वारा कार्रवाई किए जाने की बात भी सामने आई है।

मरीन ड्राइव से एक्टिवा चोरी

पूछताछ में तेलीबांधा मरीन ड्राइव से एक्टिवा चोरी की एक अन्य घटना का भी खुलासा होने की बात पुलिस ने कही है। पुलिस के अनुसार, करीब 2 से 3 महीने पहले चोरी की गई एक्टिवा आरोपी ने अपने परिचित संजीव दत्ता को इस्तेमाल के लिए दी थी।

धनसुली से दो ट्रैक्टर चोरी का भी खुलासा

पुलिस जांच में दो ट्रैक्टर चोरी किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, करीब तीन महीने पहले ग्राम धनसुली में एक बाड़े से लाल रंग का ट्रैक्टर चोरी किया गया था। पूछताछ में इसे संजीव दत्ता के साथ मिलकर अमरजीत उर्फ बंटी को बेचने की बात सामने आई।

इसके बाद करीब एक से डेढ़ महीने पहले धनसुली स्थित ईंट-भट्ठे से एक अन्य ट्रैक्टर चोरी किए जाने की जानकारी मिली। पुलिस के अनुसार, चोरी के बाद इस ट्रैक्टर को जोरा बाजार के पास खड़ा किया गया और बाद में संजीव दत्ता के साथ मिलकर इसे दिनेश कुमार टंडन को देने की बात सामने आई है।

चार आरोपी पुलिस गिरफ्त में

पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें साहिल राय, संजीव दत्ता, अमरजीत सिंह और दिनेश कुमार टंडन शामिल हैं।

पुलिस के अनुसार, साहिल राय उम्र 23 वर्ष, निवासी अमसेना थाना खरोरा और वर्तमान में धनसुली हाउसिंग बोर्ड, विधानसभा क्षेत्र में रह रहा था। उसे मामले का मुख्य आरोपी बताया गया है।

संजीव दत्ता उम्र 27 वर्ष, निवासी आसमा कॉलोनी, उसलापुर, थाना सकरी, बिलासपुर है।

अमरजीत सिंह उम्र 48 वर्ष, निवासी ग्राम चाक, थाना त्रपेडा, जिला अमृतसर, पंजाब तथा वर्तमान में आरडीए कॉलोनी, जी-ब्लॉक, हीरापुर, रायपुर में रहने वाला बताया गया है।

दिनेश कुमार टंडन उम्र 44 वर्ष, निवासी भोरिंग, थाना तुमगांव, जिला महासमुंद है। पुलिस ने उसे बर्खास्त पुलिसकर्मी बताया है।

जेल में हुई थी दो आरोपियों की पहचान

पुलिस पूछताछ के मुताबिक, अमरजीत सिंह ने वर्ष 2005 में आमानाका थाना क्षेत्र के एक हत्या मामले में जेल जाने और करीब 14 साल सजा काटने की बात बताई है। इसी दौरान उसकी पहचान संजीव दत्ता से होने की जानकारी सामने आई।

वहीं, दिनेश कुमार टंडन ने पूछताछ में वर्ष 2016 में पुलिस विभाग में रहते हुए गांजा प्रकरण में जेल जाने और उसी दौरान संजीव दत्ता से पहचान होने की बात कही है। पुलिस इन बयानों की स्वतंत्र रूप से जांच और सत्यापन कर रही है।

चोरी के वाहनों को खपाने का नेटवर्क

पुलिस के अनुसार, गिरोह में वाहन चोरी करने के बाद उन्हें दूसरे लोगों के माध्यम से बेचने की व्यवस्था थी। संजीव दत्ता, अमरजीत उर्फ बंटी और अन्य परिचितों के माध्यम से चोरी के वाहनों को ठिकाने लगाने की जानकारी सामने आई है।

फिलहाल पुलिस चोरी किए गए सभी वाहनों की बरामदगी और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। पूछताछ के आधार पर आगे और वाहन चोरी के मामलों का खुलासा होने की संभावना जताई जा रही है।

पुलिस टीम की कार्रवाई जारी

Raipur Crime: लगातार सामने आ रही वाहन चोरी की घटनाओं को देखते हुए रायपुर ग्रामीण पुलिस ने विशेष टीम बनाकर मामले की जांच शुरू की थी। पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक रायपुर ग्रामीण श्वेता सिन्हा श्रीवास्तव के निर्देशन में तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चंचल तिवारी और एसडीओपी वीरेंद्र चतुर्वेदी के नेतृत्व में की गई। पुलिस अब आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर चोरी के अन्य वाहनों की तलाश, उनकी बरामदगी और गिरोह से जुड़े अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच कर रही है।

 

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