नई दिल्ली। Nishaanebaz.com-BRICS Summit 2026 Delhi PM Modi: देश की राजधानी नई दिल्ली स्थित ऐतिहासिक भारत मंडपम में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (BRICS Summit 2026) का भव्य आगाज हो गया है। वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती साख के बीच ब्रिक्स बिजनेस फोरम के लीडर्स सेशन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत आज ‘ग्लोबल सॉल्यूशन’ का सबसे बड़ा केंद्र बन चुका है। इस बड़े आयोजन के लिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान दिल्ली पहुंच चुके हैं। पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच द्विपक्षीय वार्ता संपन्न हो चुकी है, जिसके बाद दोनों नेता एक ही वाहन में सवार होकर भारत मंडपम पहुंचे।
#WATCH | BRICS Summit 2026 | Delhi: After their bilateral meeting, Prime Minister Narendra Modi and Russian President Vladimir Putin share a car to head to the exhibition at Bharat Mandapam.
Leaders’ Session of BRICS Business Forum will be held here shortly.
(Video: DD News) pic.twitter.com/9mOZgthgRY
— ANI (@ANI) September 11, 2026
ब्रिक्स बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “इस साल हम ब्रिक्स की स्थापना के 20 साल मना रहे हैं। साल 2006 में जब इस समूह की शुरुआत हुई थी, तब इसमें केवल चार देश शामिल थे। आज ब्रिक्स के सदस्यों और उसके पार्टनर देशों को मिलाकर यह 21 देशों का एक विशाल परिवार बन चुका है।” उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि आज ब्रिक्स देश दुनिया की लगभग 50 प्रतिशत जनसंख्या, 40 प्रतिशत वैश्विक जीडीपी और 25 प्रतिशत से अधिक अंतरराष्ट्रीय व्यापार का प्रतिनिधित्व करते हैं। इन बीते दो दशकों में जहां वैश्विक जीडीपी ढाई गुना बढ़ी है, वहीं ब्रिक्स देशों की संयुक्त जीडीपी करीब साढ़े चार गुना बढ़ी है।
सत्र के दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी अपने संबोधन में ब्रिक्स की आर्थिक ताकत को रेखांकित करते हुए कहा कि ब्रिक्स की जीडीपी अब जी-7 (G7) देशों के समूह से आगे निकल चुकी है और ब्रिक्स देश दुनिया के लिए ग्रोथ इंजन की भूमिका निभा रहे हैं। वहीं, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सप्लाई चेन में आ रही रुकावटों और राजनीतिक दबाव के आर्थिक इस्तेमाल पर चिंता जताते हुए ब्रिक्स के साझा वित्तीय व व्यापारिक नेटवर्क को और मजबूत करने पर जोर दिया। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने जानकारी दी कि 2000 से अधिक बिजनेस लीडर्स की उपस्थिति के साथ यह इतिहास का सबसे बड़ा ब्रिक्स बिजनेस फोरम बन गया है।
दिल्ली में आयोजित हो रहे इस तीन दिवसीय भव्य सम्मेलन के लिए सुरक्षा व्यवस्था अत्यंत पुख्ता की गई है। लगभग 15 हजार दिल्ली पुलिसकर्मी, पैरामिलिट्री की 200 कंपनियां और 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के जरिए चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है। 13 और 14 सितंबर को भारत मंडपम में मुख्य शिखर वार्ता आयोजित की जाएगी, जिसमें सात साल बाद भारत आ रहे चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी हिस्सा लेंगे। राजधानी में वीवीआईपी मूवमेंट को ध्यान में रखते हुए यातायात के विशेष इंतजाम किए गए हैं, ताकि आम जनता और आकस्मिक चिकित्सा सेवाओं में कोई व्यवधान न उत्पन्न हो।






