Raipur Crime : रायपुर : रायपुर में ड्रग्स सिंडिकेट पर पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। शनिवार की शाम तीन और आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। इनके नाम हर्ष, मोनू और दीप बताए जा रहे हैं। आरोपियों के पास से ड्रग्स और गाड़ी बरामद की गई है। पुलिस अब उनसे पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे कब से इस कारोबार में शामिल हैं और किस नेटवर्क से जुड़े हैं।
Raipur Crime : पुलिस को संदेह है कि इस सिंडिकेट में कुछ सफेदपोश लोगों की भी संलिप्तता हो सकती है। रायपुर में पिछले एक महीने में 30 से ज्यादा ड्रग्स सप्लायर्स पकड़े जा चुके हैं। पुलिस के मुताबिक अब तक करोड़ों का ड्रग्स जब्त किया गया है।
Raipur Crime : रायपुर में गांजा, एमडीएमए, एलएसडी, हेरोइन, अफीम, कफ सिरप और विदेशी ओजी गांजा जैसे नशे का कारोबार तेजी से फैल रहा है। पब, होटल और फार्महाउस में आयोजित प्राइवेट पार्टियों में कोडवर्ड के जरिए ड्रग्स सप्लाई की जाती है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि इन आरोपियों के बैंक खातों में करोड़ों के ट्रांजेक्शन हुए हैं।
Raipur Crime : पूरे नेटवर्क की जड़ें पंजाब तक जुड़ी हैं। गुरदासपुर निवासी लवजीत सिंह उर्फ बंटी इस इंटरनेशनल ड्रग्स सिंडिकेट का सरगना बताया जा रहा है। वह पाकिस्तान से ड्रग्स मंगवाकर पंजाब के सीमावर्ती जिलों में छिपाता था और फिर अलग-अलग राज्यों में सप्लाई करता था।
Raipur Crime : छत्तीसगढ़ में ड्रग्स का मुख्य ठिकाना रायपुर का कमल विहार सेक्टर-4 स्थित एक फ्लैट था। यहां स्थानीय सरगना सुवित श्रीवास्तव ने माल रिसीव कर सप्लाई का नेटवर्क तैयार किया था। पुलिस को करोड़ों के लेन-देन के डिजिटल सबूत भी मिले हैं। लेन-देन म्यूल एकाउंट्स, नकदी, UPI और क्रिप्टोकरेंसी के जरिए किया जाता था, ताकि पहचान छिपाई जा सके।
Raipur Crime : जांच एजेंसियों का कहना है कि आरोपी नेट कॉलिंग और वर्चुअल नंबर का इस्तेमाल कर रहे थे। व्हाट्सऐप और टेलीग्राम पर वीडियो कॉल और लाइव लोकेशन से डिलीवरी कन्फर्म की जाती थी। इस हाईटेक नेटवर्क ने पुलिस की निगरानी से बचने के लिए हर संभव तरीका अपनाया था। पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा और इसमें शामिल सफेदपोश लोगों तक भी कार्रवाई पहुंचेगी।













