Land Fraud Case: गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री शशि मोहन सिंह के कड़े निर्देशन में रायगढ़ जिले में संपत्ति और आर्थिक अपराधों में संलिप्त भू-माफियाओं और जालसाजों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष धरपकड़ अभियान के तहत पुसौर थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने जमीन बेचने का झांसा देकर एक किसान से 27 लाख रुपये की मोटी रकम की धोखाधड़ी करने वाले शासकीय सेवक (पंचायत सचिव) भीचरण पटेल को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने फर्जी कागजात और किसान किताब दिखाकर प्रार्थी को जाल में फंसाया था। शिकायत की प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
35 लाख में हुआ था सौदा, 27 लाख रुपये लिए एडवांस
थाना पुसौर से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, प्रार्थी इंद्रजीत वर्मा (50 वर्ष) निवासी ग्राम लिंजिर, थाना बरमकेला (जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़) ने 5 जून 2026 को लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई थी। प्रार्थी ने बताया कि ग्राम बघनपुर निवासी भीचरण पटेल उसका बचपन का मित्र है और वर्तमान में पंचायत सचिव के पद पर कार्यरत है। सरकारी पद पर होने और पुरानी दोस्ती के कारण प्रार्थी उस पर अटूट विश्वास करता था। आरोपी भीचरण ने प्रार्थी को झांसा दिया कि वह ग्राम कोडातराई (तहसील पुसौर) स्थित अपने मालिकाना हक की खसरा नंबर 1021/2, रकबा 0.1050 की भूमि को बेचना चाहता है। प्रार्थी को जमीन पसंद आ गई और दोनों के बीच 16 सितंबर 2022 को कुल 35 लाख रुपये में सौदा तय हुआ। प्रार्थी ने बतौर एडवांस (अग्रिम राशि) ₹27 लाख आरोपी को नगद व बैंक माध्यम से दे दिए, जिसके बाद ₹100 के स्टाम्प पेपर पर बकायदा लिखापढ़ी भी की गई।
तहसील कार्यालय की जांच में खुला फर्जीवाड़े का राज
रकम ऐंठने के बाद आरोपी भीचरण ने प्रार्थी को विश्वास में लेने के लिए कुछ फर्जी किसान किताब और कूटरचित राजस्व दस्तावेज दिखाए। उसने आश्वासन दिया कि जैसे ही सरकारी नामांतरण प्रक्रिया पूरी होगी, वह जमीन की रजिस्ट्री करा देगा। इसके बाद आरोपी महीनों तक तरह-तरह के बहाने बनाकर रजिस्ट्री टालता रहा और प्रार्थी को गुमराह करता रहा। लंबे समय तक टालमटोल से परेशान होकर जब प्रार्थी इंद्रजीत वर्मा ने स्वयं पुसौर तहसील कार्यालय जाकर उक्त जमीन के रिकॉर्ड खंगाले, तो उसके होश उड़ गए। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार संबंधित खसरा नंबर की भूमि किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर दर्ज थी और तहसील में भीचरण के नाम से कोई भी राजस्व प्रकरण लंबित नहीं था।
रुपये लौटाने के नाम पर दिए फर्जी चेक, सभी हुए बाउंस
धोखाधड़ी का अहसास होने पर जब प्रार्थी ने अपने 27 लाख रुपये वापस मांगने के लिए दबाव बनाया, तो आरोपी भीचरण पटेल ने पुलिस शिकायत न करने की मिन्नतें करते हुए प्रार्थी को 5 लाख रुपये का एक और 11-11 लाख रुपये के दो चेक (कुल 27 लाख) सौंप दिए। प्रार्थी ने जब इन चेकों को अपने बैंक खाते में भुगतान के लिए प्रस्तुत किया, तो खाते में पर्याप्त राशि न होने के कारण सभी चेक अनादृत (बाउंस) हो गए। इसके बाद आरोपी लगातार भागता रहा और जनवरी 2025 में दबाव बढ़ने पर उसने मात्र 1 लाख रुपये वापस किए। शेष 26 लाख रुपये हड़पने की नीयत से आरोपी लगातार बहानेबाजी कर रहा था। पुसौर पुलिस ने प्रार्थी के आवेदन पर अपराध क्रमांक 159/2026, धारा 420 (धोखाधड़ी) भादवि के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का संदेश:
“भूमि, अचल संपत्ति और किसी भी प्रकार के बड़े आर्थिक लेन-देन से संबंधित मामलों में रायगढ़ पुलिस अत्यंत संवेदनशीलता और कड़ाई से कार्रवाई कर रही है। मैं आम जनता से पुनः अपील करता हूँ कि किसी भी प्रकार के संपत्ति सौदे या जमीन की खरीदी-बिक्री से पूर्व केवल आपसी विश्वास के भरोसे न रहें, बल्कि संबंधित तहसील कार्यालय या पटवारी से मिलकर भू-अभिलेखों और राजस्व दस्तावेजों का विधिवत व कानूनी सत्यापन अवश्य करा लें। धोखाधड़ी के माध्यम से जनता की गाढ़ी कमाई हड़पने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।”









