M.P News: भोपाल में 5000 से ज्यादा पेट्रोल और 10000 रुपये से अधिक डीजल देने पर अब बंद हो सकता है नोजल

Petrol Diesel Supply Limit : देशभर में बढ़ती ईंधन मांग के बीच अब पेट्रोल डीजल सप्लाई लिमिट को लेकर नई सख्ती सामने आई है। भोपाल में हुई संयुक्त बैठक के बाद पेट्रोल पंप संचालकों को साफ निर्देश दिए गए हैं कि तय सीमा से ज्यादा पेट्रोल और डीजल देने पर कार्रवाई हो सकती है।जानकारी के अनुसार तेल कंपनियों ने पेट्रोल के लिए 5000 रुपये और डीजल के लिए 10 हजार रुपये की सीमा तय की है। इससे ज्यादा ईंधन देने पर संबंधित पंप संचालक से जवाब मांगा जाएगा।

पेट्रोल डीजल सप्लाई लिमिट को लेकर गुरुवार को भोपाल में तेल कंपनियों, खाद्य विभाग और पेट्रोल पंप संचालकों की अहम बैठक हुई।बैठक में पंप संचालकों ने दावा किया कि उन्हें पर्याप्त मात्रा में ईंधन उपलब्ध नहीं कराया जा रहा, जिसके कारण वे ग्राहकों की मांग पूरी नहीं कर पा रहे हैं।हालांकि तेल कंपनियों का कहना है कि सप्लाई सामान्य रूप से जारी है और किसी तरह की कमी नहीं है।

ज्यादा ईंधन देने पर देना होगा जवाब
पेट्रोल पंप संचालकों के मुताबिक पेट्रोल डीजल सप्लाई लिमिट के तहत अगर किसी ग्राहक को तय सीमा से ज्यादा ईंधन दिया जाता है, तो उसकी पूरी जानकारी कंपनी को देनी होगी।कंपनियां यह जानना चाहती हैं कि अतिरिक्त सप्लाई किसे और किस वजह से की गई। यदि जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो संबंधित पंप का नोजल बंद करने जैसी कार्रवाई भी हो सकती है।इस फैसले के बाद कई पंप संचालकों में चिंता का माहौल है।
Read more :

क्या ईंधन की कमी का खतरा बढ़ रहा?
पेट्रोल डीजल सप्लाई लिमिट लागू होने के बाद आम लोगों के बीच भी कई सवाल उठने लगे हैं। उपभोक्ताओं को आशंका है कि कहीं यह कदम संभावित ईंधन संकट की ओर संकेत तो नहीं।हालांकि तेल कंपनियों ने साफ कहा है कि फिलहाल किसी तरह की शॉर्टेज नहीं है और उपभोक्ताओं को अफवाहों से बचना चाहिए।भोपाल जिले में इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम समेत कई कंपनियों के कुल 192 पेट्रोल पंप संचालित हो रहे हैं।

प्रशासन और कंपनियों की भूमिका पर सवाल
इस पूरे पेट्रोल डीजल सप्लाई लिमिट मामले ने प्रशासनिक व्यवस्था और तेल कंपनियों की रणनीति पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।अगर सप्लाई सामान्य है, तो फिर लिमिट लगाने की जरूरत क्यों पड़ी? और यदि मांग के मुकाबले आपूर्ति कम है, तो उपभोक्ताओं को स्पष्ट जानकारी क्यों नहीं दी जा रही?विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी पाबंदियां बाजार में घबराहट बढ़ा सकती हैं। इसलिए सरकार और तेल कंपनियों को पारदर्शिता के साथ स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

उपभोक्ताओं को दी गई सलाह
तेल कंपनियों और प्रशासन ने पेट्रोल डीजल सप्लाई लिमिट को लेकर लोगों से अपील की है कि वे घबराहट में जरूरत से ज्यादा ईंधन खरीदने की कोशिश न करें।अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल सप्लाई व्यवस्था सामान्य है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

Share The News
[youtube_shorts]

Popular News

CG Transfer Breaking : वाणिज्यिक कर विभाग में बड़ा फेरबदल, 21 कर्मचारियों का तबादला

CG Transfer Breaking :रायपुर। राज्य शासन के वाणिज्यिक कर...

Raipur Police Commissioner: IPS डॉ. संजीव शुक्ला ने संभाला पुलिस आयुक्त का पदभार… जानिए क्या कुछ कहा

Raipur Police Commissioner:रायपुर : रायपुर पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली के...

Janpad Panchayat Lailunga: छोटे-छोटे कामों के लिए भटक रहे ग्रामीण, रवि भगत ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी

Janpad Panchayat Lailunga: गौरी शंकर गुप्ता/लैलूंगा (रायगढ़): छत्तीसगढ़ के...

Related Articles

Popular Categories