गौरी शंकर गुप्ता/घरघोड़ा: छत्तीसगढ़ शासन के विशेष निर्देशानुसार रायगढ़ जिले के घरघोड़ा ब्लॉक में पर्यावरण और ऊर्जा संरक्षण को लेकर एक शानदार पहल की गई है। यहाँ स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम कन्या शाला में ऊर्जा बचत और प्रकृति के प्रति जन जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आगामी “वर्ल्ड एनवायरमेंट डे” यानी विश्व पर्यावरण दिवस को ध्यान में रखते हुए स्कूल में “मिशन लाइफ” के तहत पोस्टर, निबंध और भाषण प्रतियोगिताओं की धूम रही। इस एक दिवसीय जन चेतना कार्यक्रम में स्कूल की छात्राओं ने बेहद उत्साहपूर्वक अपनी सहभागिता निभाई।
बेटियों ने रंगों से उकेरा प्रकृति का दर्द
इस अनूठे आयोजन के दौरान छात्राओं ने अपनी कलात्मक सोच के जरिए प्राकृतिक ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी गहरी भावनाओं को प्रदर्शित किया। इसके साथ ही, प्रतियोगिता के अंत में शानदार प्रदर्शन करने वाली होनहार छात्राओं के नामों की घोषणा की गई। पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में प्रीति सिंह ठाकुर और पूजा बारीक ने संयुक्त रूप से पहला स्थान हासिल किया। इसके विपरीत, कड़ी टक्कर देते हुए इशिका समर ने दूसरा और खुशी चौहान ने तीसरा स्थान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
निबंध में अर्पिता और मुस्कान ने मारी बाजी
पर्यावरण के प्रति विचारों की इस जंग में निबंध प्रतियोगिता का भी आयोजन हुआ। इसमें अर्पिता बेहरा ने प्रथम, मुस्कान डनसेना ने द्वितीय और दिव्या चौहान ने तृतीय स्थान पाया।
परिणामस्वरूप, विजेता प्रतिभागियों के साथ-साथ कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाली सभी छात्राओं को उनके हौसले के लिए खूबसूरत पुरस्कार प्रदान किए गए। इस दौरान विद्यालय के वरिष्ठ व्याख्याता संदीप पांडेय, विजय पंडा और संतोष साव ने कार्यक्रम को मुख्य रूप से संबोधित किया। उन्होंने छात्राओं को भविष्य के प्रति अधिक संवेदनशील होने की सीख दी। इसके साथ ही, शिक्षकों ने बच्चों को असल जिंदगी में भी ऊर्जा बचत के क्षेत्र में बढ़-चढ़कर कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया।
समर कैंप से निखरेगी बच्चों की दक्षता
इसके अलावा, स्कूल प्रबंधन का मानना है कि समर कैंप के दौरान आयोजित ऐसे रचनात्मक कार्यक्रमों से छात्राओं की मानसिक और व्यावहारिक दक्षता में भारी अभिवृद्धि होगी। खेल-खेल में सीखे गए इस हुनर और अनुभव का लाभ उन्हें अपने आने वाले भविष्य में भी मिल सकेगा। यही कारण है कि शासन अब किताबी ज्ञान से इतर बच्चों को व्यावहारिक रूप से जागरूक बनाने पर अधिक जोर दे रहा है। अंततः, इस सफल आयोजन ने न केवल बच्चों को जागरूक किया, बल्कि पूरे घरघोड़ा क्षेत्र को पर्यावरण संरक्षण का एक बेहद जरूरी और सकारात्मक संदेश भी दिया।









