Summer Home Hacks: दिल्ली। चिलचिलाती गर्मियों का मौसम आते ही घर में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला इलेक्ट्रॉनिक सामान फ्रिज बन जाता है। ठंडा पानी, फल-सब्जियां, दूध, दही और बचा हुआ खाना सब कुछ फ्रिज के भरोसे ही टिका रहता है। इसके विपरीत परेशानी तब शुरू होती है, जब फ्रिज चालू होने के बाद भी सही तरीके से कूलिंग नहीं करता है। कई लोग इसे बहुत बड़ी तकनीकी खराबी समझकर तुरंत मैकेनिक को बुला लेते हैं। हालांकि कई बार दिक्कत बेहद छोटी निकलती है, जिसे आप खुद घर बैठे ठीक कर सकते हैं। खास बात यह है कि एक साधारण कागज की मदद से आप मिनटों में पता लगा सकते हैं कि फ्रिज की कूलिंग कम क्यों हो रही है।![]()
फ्रिज की कूलिंग कम होने की सबसे बड़ी वजह
अक्सर लोग समझते हैं कि फ्रिज की कूलिंग कम होने का मतलब गैस खत्म होना या कोई बड़ा फॉल्ट होना है। इसके विपरीत ज्यादातर मामलों में असली कारण फ्रिज के दरवाजे पर लगी रबर यानी गैस्केट की कमजोरी होती है। यह रबर दरवाजे को पूरी तरह सील करती है ताकि अंदर की ठंडी हवा बाहर न निकले। जब यह गैस्केट ढीली, फटी या खराब हो जाती है, तो बाहर की गर्म हवा आसानी से अंदर आने लगती है। परिणामस्वरुप फ्रिज के सिस्टम को तापमान बनाए रखने के लिए लगातार ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। यही कारण है कि बिजली की खपत अचानक बढ़ जाती है और कूलिंग धीरे-धीरे कम होने लगती है।
ऐसे करें घर पर आसान पेपर टेस्ट
फ्रिज की सीलिंग को चेक करने के लिए आपको किसी महंगी मशीन या खास टूल की बिल्कुल जरूरत नहीं है। इसके लिए बस एक सादा कागज या नोट लें और एक आसान तरीका अपनाएं। सबसे पहले आप अपने फ्रिज का दरवाजा खोलें। अब एक सादे कागज को दरवाजे की रबर के बीच में इस तरह रखें कि कागज का थोड़ा हिस्सा बाहर की तरफ दिखाई देता रहे। इसके बाद फ्रिज का दरवाजा मजबूती से बंद कर दें। अब बाहर निकले हुए कागज के हिस्से को धीरे-धीरे अपनी तरफ खींचें।
अगर कागज बिना किसी रुकावट के बहुत आसानी से बाहर निकल जाए, तो समझ लीजिए कि गैस्केट दरवाजे पर ठीक से पकड़ नहीं बना रही है। इसके विपरीत अगर कागज बीच में फंस जाए और खींचने पर हल्की रुकावट महसूस हो, तो समझें कि रबर बिल्कुल सही हालत में है। यह आसान ट्रिक घर बैठे फ्रिज की असली समस्या समझने में मदद करती है और बेवजह खर्च होने वाले पैसों को भी बचाती है।
क्यों जरूरी है फ्रिज की सही सीलिंग
फ्रिज की सही सीलिंग सिर्फ बेहतर कूलिंग के लिए ही जरूरी नहीं होती, बल्कि यह बिजली बचाने में भी बहुत बड़ी भूमिका निभाती है। जब दरवाजा पूरी तरह बंद नहीं होता, तो ठंडी हवा लगातार बाहर निकलती रहती है। फलस्वरूप कंप्रेसर को बार-बार चालू होना पड़ता है, जिससे बिजली का बिल बहुत अधिक बढ़ सकता है। इसके अलावा लगातार ओवरलोड में चलने की वजह से फ्रिज के अंदर मौजूद दूसरे पार्ट्स पर भी बहुत बुरा असर पड़ता है। लंबे समय तक इस खराबी पर लापरवाही करने से कंप्रेसर पूरी तरह फुंक सकता है, जिसकी मरम्मत काफी महंगी पड़ती है।
कब बदलवानी चाहिए फ्रिज की रबर
अगर पेपर टेस्ट में रबर ढीली लग रही है, तो सबसे पहले उसे अच्छी तरह साफ करें। कई बार धूल, तेल या खाने-पीने की गंदगी जमा होने की वजह से भी रबर की सील कमजोर पड़ जाती है। गुनगुने पानी और हल्के साबुन की मदद से रबर की सफाई करने के बाद दोबारा यह टेस्ट करें। इसके अलावा अगर सफाई के बाद भी कागज आसानी से बाहर निकल रहा है, तो गैस्केट को तुरंत बदलवाना ही बेहतर रहेगा। नई रबर लगने के बाद फ्रिज की कूलिंग पहले जैसी हो जाती है।
गर्मियों में इन बातों का भी रखें विशेष ध्यान
फ्रिज को बेहतर तरीके से चलाने के लिए कुछ अन्य छोटी मगर जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए। कभी भी फ्रिज का दरवाजा बार-बार न खोलें। इसके साथ ही बहुत ज्यादा गर्म खाना सीधे फ्रिज के अंदर रखने से हमेशा बचें। फ्रिज को हमेशा दीवार से थोड़ा दूर हटाकर रखें ताकि पीछे से हवा आसानी से पास हो सके। अंततः फ्रिज में जरूरत से ज्यादा सामान न भरें, क्योंकि ज्यादा सामान ठंडी हवा के प्रवाह को रोकता है और कूलिंग को कम कर देता है।









