बड़वानी: मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले में आशा और उषा कार्यकर्ताओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आशा-उषा कार्यकर्ता महिला संगठन की जिला इकाई के नेतृत्व में सैकड़ों महिलाएं कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचीं। यहां उन्होंने अपनी रुकी हुई प्रोत्साहन राशि और विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम एक ज्ञापन सौंपा। प्रशासनिक अधिकारियों को यह ज्ञापन सौंपते हुए कार्यकर्ताओं ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं, तो वे अनिश्चितकालीन आंदोलन पर चली जाएंगी।
तीन महीने से नहीं मिली प्रोत्साहन राशि
संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि पिछले तीन महीनों से आशा और उषा कार्यकर्ताओं को उनकी प्रोत्साहन राशि का भुगतान नहीं किया गया है। इसके कारण इन महिला कर्मियों को भारी आर्थिक तंगी और पारिवारिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यही कारण है कि ज्ञापन में सभी लंबित भुगतानों को तुरंत जारी करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई है। इसके साथ ही केंद्र सरकार द्वारा बढ़ाई गई 1,500 रुपये की राशि का एरियर सहित भुगतान करने की बात भी कही गई है।
मानदेय और नियमित भुगतान की मांग
महिला कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि हर महीने की 5 तारीख तक उनका नियमित भुगतान सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इसके अलावा, वेतन भुगतान के साथ एक आधिकारिक स्लिप भी दी जानी चाहिए ताकि पारदर्शिता बनी रहे। इसके विपरीत, विभागीय अधिकारियों द्वारा काम को लेकर बनाए जाने वाले अनावश्यक मानसिक दबाव को भी तुरंत बंद किया जाना चाहिए। इसके साथ ही, कार्यकर्ताओं ने वर्ष 2023 में घोषित की गई वार्षिक वेतन वृद्धि राशि का भुगतान करने की मांग भी प्रशासन के सामने रखी है।
सुरक्षा और कार्यस्थल पर सुविधाओं की दरकार
क्षेत्र में काम करने वाली इन महिला कर्मियों ने ड्यूटी के दौरान दुर्घटना या मृत्यु होने पर उचित आर्थिक सहायता देने की मांग उठाई है। इसके अलावा, काम के दौरान आराम करने के लिए आशा कार्यकर्ताओं के लिए अलग से ‘रेस्ट रूम’ की व्यवस्था की जानी चाहिए। इसके साथ ही, डिजिटल कामकाज को आसान बनाने के लिए सभी को एंड्रॉइड मोबाइल फोन उपलब्ध कराए जाने चाहिए। संगठन ने इस दौरान आशा सम्मेलन आयोजित करने और मासिक मानदेय को बढ़ाकर 21 हजार रुपये लागू करने की मांग भी की है।
मांगें पूरी न होने पर प्रदेशभर में चक्काजाम की चेतावनी
प्रदेश अध्यक्ष नर्मदा ठाकरे के निर्देशन में सौंपे गए इस ज्ञापन के दौरान संगठन के कई बड़े पदाधिकारी मौजूद रहे। इसके तहत प्रदेश प्रवक्ता रुखमणी पवार और प्रदेश मीडिया प्रभारी संगीता यादव ने सरकार को सीधे तौर पर सचेत किया है। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन ने उनकी जायज मांगों पर तुरंत कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आने वाले दिनों में पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन किया जाएगा। अंततः, इस प्रदर्शन के दौरान जिला अध्यक्ष और जिला सचिव सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहीं।









