शासकीय कार्यक्रमों में लापरवाही पर कड़ा रुख
इस बड़ी और त्वरित कार्रवाई के बाद पूरे जिले के प्रशासनिक अमले और पंचायत संवर्ग में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। जिला प्रशासन ने अब सभी अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं कि भविष्य में होने वाले किसी भी शासकीय कार्यक्रम के दौरान नियमों और मंचीय प्रोटोकॉल को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती जाए। किसी भी स्तर पर होने वाली छोटी सी भी चूक को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार द्वारा ‘सुशासन तिहार’ कार्यक्रम के माध्यम से आम नागरिकों की बुनियादी समस्याओं के त्वरित समाधान और जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी सीधे गांव-गांव तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। यही कारण है कि ऐसे कार्यक्रमों में मंत्रियों और विधायकों की गरिमा के अनुरूप मंच व्यवस्था को अत्यधिक महत्वपूर्ण माना जाता है, जिसमें लापरवाही बरतने पर अब यह बड़ी गाज गिरी है।
Susashan Tihar Protocol: राजिम: सुशासन तिहार में प्रोटोकॉल का उल्लंघन पड़ा भारी; मंच संचालन में घोर लापरवाही पर पंचायत सचिव तत्काल प्रभाव से निलंबित

Susashan Tihar Protocol: राजिम। गरियाबंद जिले के राजिम क्षेत्र के अंतर्गत आयोजित एक महत्वपूर्ण शासकीय कार्यक्रम में स्थापित प्रोटोकॉल का पालन नहीं करना एक पंचायत सचिव को बेहद महंगा पड़ गया है। ग्राम पंचायत कोसमखूंटा में पदस्थ पंचायत सचिव कोमल राम साहू को जिला पंचायत प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कड़ी कार्रवाई जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) प्रखर चंद्राकर द्वारा जारी एक आधिकारिक निलंबन आदेश के बाद की गई है। यह पूरा मामला उस समय अचानक चर्चा में आया, जब कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और जिले के प्रभारी मंत्री दयाल दास बघेल मंच संचालन के दौरान हुई घोर लापरवाही को देखकर बुरी तरह नाराज हो गए थे।
प्रभारी मंत्री ने मंच से ही जताई थी कड़ी नाराजगी
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत पोखरा में राज्य सरकार के महत्वाकांक्षी अभियान ‘सुशासन तिहार’ के तहत एक विशाल कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में गरियाबंद जिले के कई आला अधिकारी, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि और बहुत बड़ी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित थे। कार्यक्रम की रूपरेखा के अनुसार मंच संचालन की पूरी जिम्मेदारी पंचायत सचिव कोमल राम साहू को सौंपी गई थी। इसके विपरीत मंच संचालन के दौरान अतिथियों के स्वागत, संबोधन की बारी और मंचीय प्रोटोकॉल के पालन में गंभीर और हैरान करने वाली लापरवाही सामने आई।
निर्धारित प्रोटोकॉल का समुचित पालन नहीं होने के कारण कार्यक्रम में मुख्य रूप से मौजूद प्रभारी मंत्री दयाल दास बघेल का पारा चढ़ गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मंत्री ने सरेआम मंच से ही अपनी गहरी नाराजगी जाहिर की। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस लापरवाह पंचायत सचिव को तुरंत मंच संचालन की जिम्मेदारी से हटाया जाए।
सीईओ प्रखर चंद्राकर ने जारी किया सस्पेंशन ऑर्डर
इस पूरी घटना का वीडियो और खबर जैसे ही मीडिया व प्रशासनिक गलियारों में सामने आई, मामले को उच्च स्तर पर बेहद गंभीरता से लिया गया। इसके तुरंत बाद जिला पंचायत प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम की बारीकी से समीक्षा और प्रारंभिक जांच की। जांच में यह पूरी तरह से प्रमाणित पाया गया कि कार्यक्रम के दौरान शासन द्वारा जारी प्रोटोकॉल संबंधी दिशा-निर्देशों का खुलेआम उल्लंघन किया गया है, जिससे शासकीय गरिमा को गंभीर ठेस पहुंची है।
इसी ठोस आधार पर जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर ने कड़ा रुख अपनाते हुए पंचायत सचिव कोमल राम साहू को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड करने का आदेश जारी कर दिया। प्रशासनिक आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निलंबन की इस पूरी अवधि के दौरान उनका आधिकारिक मुख्यालय जनपद पंचायत कार्यालय निर्धारित किया गया है, जहां उन्हें नियमित उपस्थिति दर्ज करानी होगी।
शासकीय कार्यक्रमों में लापरवाही पर कड़ा रुख
इस बड़ी और त्वरित कार्रवाई के बाद पूरे जिले के प्रशासनिक अमले और पंचायत संवर्ग में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। जिला प्रशासन ने अब सभी अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं कि भविष्य में होने वाले किसी भी शासकीय कार्यक्रम के दौरान नियमों और मंचीय प्रोटोकॉल को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती जाए। किसी भी स्तर पर होने वाली छोटी सी भी चूक को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार द्वारा ‘सुशासन तिहार’ कार्यक्रम के माध्यम से आम नागरिकों की बुनियादी समस्याओं के त्वरित समाधान और जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी सीधे गांव-गांव तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। यही कारण है कि ऐसे कार्यक्रमों में मंत्रियों और विधायकों की गरिमा के अनुरूप मंच व्यवस्था को अत्यधिक महत्वपूर्ण माना जाता है, जिसमें लापरवाही बरतने पर अब यह बड़ी गाज गिरी है।
शासकीय कार्यक्रमों में लापरवाही पर कड़ा रुख
इस बड़ी और त्वरित कार्रवाई के बाद पूरे जिले के प्रशासनिक अमले और पंचायत संवर्ग में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। जिला प्रशासन ने अब सभी अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं कि भविष्य में होने वाले किसी भी शासकीय कार्यक्रम के दौरान नियमों और मंचीय प्रोटोकॉल को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती जाए। किसी भी स्तर पर होने वाली छोटी सी भी चूक को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार द्वारा ‘सुशासन तिहार’ कार्यक्रम के माध्यम से आम नागरिकों की बुनियादी समस्याओं के त्वरित समाधान और जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी सीधे गांव-गांव तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। यही कारण है कि ऐसे कार्यक्रमों में मंत्रियों और विधायकों की गरिमा के अनुरूप मंच व्यवस्था को अत्यधिक महत्वपूर्ण माना जाता है, जिसमें लापरवाही बरतने पर अब यह बड़ी गाज गिरी है।

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