जबलपुर। बरगी नगर क्षेत्र में बढ़ते अवैध शराब और नशीले पदार्थों के कारोबार के विरोध में महिलाओं ने अब पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। महिला शक्ति समिति के बैनर तले बड़ी संख्या में एकत्रित होकर महिलाओं ने स्थानीय थाने का घेराव किया। इसके साथ ही उन्होंने थाना प्रभारी को एक ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र में सक्रिय नशा माफियाओं पर नकेल कसने की मांग की है। महिलाओं का आरोप है कि गांव और आसपास के रिहायशी इलाकों में खुलेआम नशे का व्यापार किया जा रहा है, जिससे नई पीढ़ी गर्त में जा रही है।
परिवारों पर पड़ रहा है बुरा असर
महिला शक्ति समिति की सदस्यों ने बताया कि क्षेत्र में अवैध मादक पदार्थों की बिक्री के कारण युवाओं का भविष्य पूरी तरह बर्बाद हो रहा है। इसके विपरीत, घरों में आए दिन विवाद की स्थिति निर्मित हो रही है और कई हंसते-खेलते परिवार उजड़ रहे हैं। यही कारण है कि महिलाओं को अब अपने बच्चों और घरों की सुरक्षा के लिए खुद आगे आना पड़ा है। उन्होंने पुलिस को चेतावनी दी है कि इस अवैध धंधे को अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

असामाजिक गतिविधियों में हुई बढ़ोतरी
ज्ञापन में महिलाओं ने साफ तौर पर उल्लेख किया है कि कई चिन्हित स्थानों पर धड़ल्ले से अवैध रूप से देसी और अंग्रेजी शराब बेची जा रही है। इसके परिणामस्वरूप, नशेड़ियों के जमावड़े के कारण क्षेत्र में आए दिन आपसी विवाद और असामाजिक गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। यही वजह है कि शाम ढलते ही महिलाओं और बच्चियों का रास्तों से निकलना भी दूभर हो गया है। इसके अलावा, स्थानीय स्तर पर चोरी और छिनैती जैसी वारदातें भी बढ़ने लगी हैं।
सख्त कार्रवाई और निगरानी की मांग
महिलाओं ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि ऐसे अवैध कारोबार में सीधे तौर पर शामिल लोगों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही, प्रभावित इलाकों में पुलिस की गश्त और लगातार निगरानी बढ़ाई जानी चाहिए। इसके अलावा, संदिग्ध ठिकानों पर अचानक छापेमारी की कार्रवाई भी बहुत जरूरी है। ऐसा करने से ही अपराधियों के हौसले पस्त होंगे और क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम हो सकेगी।
मांग पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी
महिला शक्ति समिति की अध्यक्ष और अन्य वरिष्ठ सदस्यों ने पुलिस विभाग को सीधे तौर पर सचेत किया है। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस प्रशासन द्वारा जल्द ही इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो समिति द्वारा आगे चलकर चक्काजाम और उग्र आंदोलन किया जाएगा। इसके विपरीत, इस आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन की होगी। अंततः, ज्ञापन सौंपने के दौरान क्षेत्र की भारी संख्या में जागरूक महिलाएं थाने में उपस्थित रहीं।









