Indore Job Fraud: इंदौर। सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवाओं को ठगने वाले एक गिरोह का इंदौर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। तुकोगंज थाना पुलिस ने कोर्ट में नौकरी लगवाने का झांसा देकर फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार करने और लोगों से पैसे वसूलने के मामले में एक महिला सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बना चुके हैं।
असिस्टेंट क्लर्क की नौकरी का दिया लालच
Indore Job Fraud: पुलिस के अनुसार मामला तुकोगंज थाना क्षेत्र का है। यहां एक महिला ने शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि उसके परिचित लक्ष्मण मेहरा ने स्वयं को कोर्ट से जुड़ा कर्मचारी बताते हुए उसे न्यायालय में असिस्टेंट क्लर्क की नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया। आरोपी ने दावा किया कि उसकी पहचान और संपर्क के जरिए आसानी से नियुक्ति कराई जा सकती है।
Indore Job Fraud: आरोपी की बातों पर विश्वास कर महिला ने नौकरी पाने की उम्मीद में उसे 25 हजार रुपये दे दिए। कुछ दिनों बाद आरोपी ने उसे एक नियुक्ति पत्र भी सौंप दिया और निर्धारित तारीख पर ड्यूटी जॉइन करने के लिए कहा।
कोर्ट पहुंची तो खुल गई ठगी की पोल
Indore Job Fraud: नियुक्ति पत्र मिलने के बाद महिला संबंधित न्यायालय में नौकरी जॉइन करने पहुंची। वहां दस्तावेजों की जांच के दौरान अधिकारियों को नियुक्ति पत्र संदिग्ध लगा। जब पत्र का सत्यापन किया गया तो पता चला कि वह पूरी तरह से फर्जी है और न्यायालय द्वारा ऐसा कोई नियुक्ति आदेश जारी ही नहीं किया गया था।
Indore Job Fraud: सच्चाई सामने आने पर महिला को अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उसने तुरंत तुकोगंज थाने पहुंचकर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस जांच में सामने आया बड़ा खुलासा
Indore Job Fraud: शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और मुख्य आरोपी लक्ष्मण मेहरा को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान आरोपी ने कई महत्वपूर्ण जानकारियां पुलिस को दीं। उसने बताया कि फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार करने में उसकी मदद रिंकू चौहान नामक महिला ने की थी, जो एक साइबर कैफे संचालित करती है।
Indore Job Fraud: आरोपी के खुलासे के बाद पुलिस ने महिला को भी गिरफ्तार कर लिया। जांच के दौरान पुलिस ने साइबर कैफे से कंप्यूटर, प्रिंटर और अन्य डिजिटल उपकरण जब्त किए हैं, जिनका उपयोग कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार करने में किया गया था।
डिजिटल सबूतों की होगी जांच
Indore Job Fraud: पुलिस अधिकारियों के अनुसार जब्त किए गए कंप्यूटर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी। इससे यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि क्या आरोपियों ने केवल एक व्यक्ति को ठगा है या फिर कई अन्य लोगों को भी इसी तरह फर्जी नियुक्ति पत्र देकर शिकार बनाया है।
Indore Job Fraud: जांच एजेंसियां आरोपियों के मोबाइल फोन, डिजिटल रिकॉर्ड, दस्तावेज और बैंक लेन-देन की भी पड़ताल कर रही हैं। पुलिस को आशंका है कि यह एक संगठित ठगी गिरोह हो सकता है, जो सरकारी नौकरी का लालच देकर बेरोजगार युवाओं से रकम वसूलता था।
बेरोजगार युवाओं को सावधान रहने की सलाह
Indore Job Fraud: पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी सरकारी या निजी नौकरी के नाम पर पैसे मांगने वाले व्यक्तियों से सावधान रहें। किसी भी नियुक्ति पत्र या भर्ती प्रक्रिया की पुष्टि संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट अथवा कार्यालय से अवश्य करें। नौकरी दिलाने के नाम पर पैसा मांगना और फर्जी दस्तावेज तैयार करना गंभीर अपराध है।
Indore Job Fraud: फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस मामले के अन्य संभावित पीड़ितों तथा गिरोह से जुड़े लोगों की तलाश में जुटी हुई है।









