Demand for Allowances : मजदूर कल्याण संघ ने संविदा कर्मियों के HRA व अन्य भत्तों की उठाई मांग

VIKASH KHALKHO

Demand for Allowances : गौरीशंकर/घरघोड़ा : एन.टी.पी.सी. तलाईपल्ली परियोजना में कार्यरत विभिन्न विभागों— जैसे कोल लैब, डिस्पैच कंप्यूटर ऑपरेटर, सर्वे (खनन विभाग), सिविल, एचआर, इलेक्ट्रिकल, हाउसकीपिंग, गार्डनिंग और सब-पावर सबस्टेशन — के संविदा कर्मियों ने आज मजदूर कल्याण संघ के बैनर तले कलेक्टर रायगढ़ को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। संविदा कर्मियों को HRA, Conveyance, Communication व अन्य भत्तों की मांग — मजदूर कल्याण संघ का कलेक्टर रायगढ़ को निवेदन।

ज्ञापन में बताया गया कि संविदा कर्मी बीते कई वर्षों से एम/एस प्रहलाद मोहराना, सूर्या तेजा और ए.के. यादव जैसी ठेका संस्थाओं के माध्यम से एन.टी.पी.सी. की माइनिंग बाउंड्री के भीतर कार्यरत हैं। नियमित रूप से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के बावजूद उन्हें आज तक HRA (हाउस रेंट अलाउंस), Conveyance (यातायात भत्ता) और Communication (संचार भत्ता) जैसे मूलभूत भत्ते प्राप्त नहीं हो रहे हैं।कर्मचारियों ने बताया कि वर्तमान में उन्हें केवल केंद्र सरकार के नियमानुसार न्यूनतम वेतनमान (Minimum Wages) ही दिया जाता है, जबकि इसी परियोजना में CHAND COLLECTION (Prop. अली कमरान) संस्था के अंतर्गत कार्यरत सेफ्टी सुपरवाइजर्स को सभी भत्ते नियमित रूप से मिल रहे हैं।

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यह असमानता कर्मियों में असंतोष का कारण बनी हुई है।संविदा कर्मियों ने यह भी बताया कि इस विषय पर उन्होंने कई बार एन.टी.पी.सी. प्रबंधन को मौखिक और लिखित रूप से अवगत कराया, किंतु अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। प्रबंधन की चुप्पी से आहत कर्मियों ने असहयोग आंदोलन का निर्णय तो लिया, परंतु उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि आंदोलन के दौरान उत्पादन, डिस्पैच, शिफ्टिंग या अन्य आवश्यक कार्यों में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।

कर्मचारियों ने कहा कि उनकी आजीविका का एकमात्र स्रोत यही सेवा है। वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों में सीमित वेतन में परिवार का भरण-पोषण, बच्चों की शिक्षा और रोज़मर्रा के खर्च पूरे कर पाना बेहद कठिन हो गया है। उन्होंने कलेक्टर रायगढ़ से मानवीय दृष्टिकोण से हस्तक्षेप करते हुए CHAND COLLECTION संस्था के कर्मचारियों के समान भत्ते दिलाने की मांग की है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हो सके।

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इसके साथ ही मजदूर कल्याण संघ ने दो अन्य महत्वपूर्ण मांगें भी रखीं —
1. अनुबंध अवधि बढ़ाई जाए: मैनपावर अनुबंध की अवधि वर्तमान 1 वर्ष से बढ़ाकर 3 वर्ष की जाए, ताकि ठेकेदार एवं कर्मियों दोनों को स्थायित्व और सुरक्षा मिल सके। 2. ‘वन साइट – वन कॉन्ट्रैक्ट’ नीति लागू की जाए: मैनपावर सप्लाई करने वाली सभी संस्थाओं — एम/एस प्रहलाद मोहराना, सूर्या तेजा और ए.के. यादव — के कॉन्ट्रैक्ट्स को एकीकृत कर “One Site – One Contract” नीति के तहत लागू किया जाए। इससे कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और समानता स्थापित होगी।

यह समस्त जानकारी संविदा कर्मी नंदकुमार पटेल (इलेक्ट्रिकल विभाग), संतोष राणा (132 के.वी. सब-स्टेशन) तथा अन्य कर्मचारियों ने दी। मजदूर कल्याण संघ ने आशा जताई है कि जिला प्रशासन उनकी न्यायोचित व मानवीय मांगों पर शीघ्र संज्ञान लेकर आवश्यक कार्यवाही करेगा, जिससे सैकड़ों परिवारों को राहत मिल सके।

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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