Explore Chhattisgarh: चिलचिलाती धूप और उमस से पाना है छुटकारा, तो छत्तीसगढ़ के ये 5 बेहतरीन ट्रेक्स हैं आपके लिए बेस्ट

VIKASH KHALKHO

Explore Chhattisgarh: रायपुर। मई-जून की चिलचिलाती धूप, भीषण गर्मी और उमस भरे इस मौसम में यदि आप शहर की आपाधापी से दूर कहीं सुकून और ठंडक की तलाश कर रहे हैं, तो छत्तीसगढ़ के अद्भुत प्राकृतिक ट्रेकिंग रूट्स आपका इंतजार कर रहे हैं। राज्य के घने जंगलों, कलकल बहते झरनों और हरी-भरी खूबसूरत वादियों के बीच ट्रेकिंग करना न सिर्फ आपको भीषण गर्मी से फौरी राहत और ठंडक देगा, बल्कि आपकी छुट्टियों को एक यादगार और रोमांचक एडवेंचर में बदल देगा। सैलानियों और ट्रेकर्स के लिए प्रदेश के 5 सबसे शानदार और चुनिंदा ट्रेकिंग डेस्टिनेशंस की सूची तैयार की गई है, जहाँ जाकर आप प्रकृति के बिल्कुल करीब महसूस करेंगे।Chhattisgarh Travel: क्या आप छत्तीसगढ़ के मिनी शिमला में घूमना पसंद करेंगे?  यादगार रहेगा सफर | know about mini shimla in chhattisgarh | Herzindagi

1. मेनपाट (अंबिकापुर) – छत्तीसगढ़ का ‘मिनी शिमला’ जिला मुख्यालय अंबिकापुर से लगभग 75 किलोमीटर की दूरी पर स्थित मेनपाट राज्य का सबसे लोकप्रिय हिल स्टेशन माना जाता है। यहाँ की सदाबहार ठंडी हवाएं, दूर तक फैले हरे-भरे घास के मैदान और ‘जलजली’ (बाउंसिंग लैंड) का अनोखा अनुभव गर्मियों में भी शिमला-मनाली जैसी ठंडक का अहसास कराता है। यहाँ के मशहूर टाइगर पॉइंट और फिश पॉइंट के आसपास कई बेहद खूबसूरत और रोमांचक ट्रेकिंग ट्रेल्स मौजूद हैं।World Tourism Day: अनुपम सौंदर्य समेटे मैं हूं चिल्फी, मेरी गोद में है  एशिया का केंद्र बिंदु, आप भी देखिए मेरी अनोखी छटा… | World Tourism Day  Chhattisgarh Chilpi Ghati ...

2. चिल्पी घाटी (कबीरधाम) कवर्धा (कबीरधाम) जिले की गोद में स्थित चिल्पी घाटी अपनी घुमावदार सर्पिलाकार सड़कों, घने जंगलों और ठंडी वादियों के लिए सैलानियों के बीच खासा मशहूर है। साल और सागौन के घने जंगलों के बीच से गुजरने वाले कच्चे प्राकृतिक रास्ते ट्रेकिंग के शौकीनों के लिए एकदम मुफीद हैं। यहाँ का शांत और प्रदूषण मुक्त माहौल मानसिक तनाव को पल भर में दूर कर देता है।Chhattisgarh : कांकेर की शान है 'गढ़िया' पहाड़, यहां 'सोनई-रुपई' तालाब के  पानी में ये है खासियत

3. गढ़िया पहाड़ (कांकेर) राजधानी रायपुर से लगभग 126 किलोमीटर दूर उत्तर बस्तर के प्रवेश द्वार कांकेर में स्थित गढ़िया पहाड़ समुद्र तल से काफी ऊंचाई पर है। जमीन से करीब 660 फीट ऊंचे इस पहाड़ का जितना ऐतिहासिक महत्व है, उतना ही यह एडवेंचर के लिए भी बेस्ट है। इस ट्रैक पर चढ़ते हुए आपको प्रकृति के अद्भुत अजूबे जैसे ‘बैलेंसिंग रॉक’, ऐतिहासिक सोनई-रुपई तालाब और प्राचीन जोगी गुफा देखने को मिलेगी। पहाड़ की चोटी से सूर्यास्त और पूरे कांकेर शहर का नजारा विहंगम दिखाई देता है।Activities | Bori Safari Lodge, Betul | Things to do in Madhya Pradesh

4. बोरई का जंगल (धमतरी) धमतरी जिले के सुदूर अंचल में स्थित बोरई का क्षेत्र घने जंगलों, ऊंची पहाड़ियों और कलकल बहती पहाड़ी नदियों से घिरा हुआ है। प्रकृति प्रेमियों के लिए यह इलाका किसी ‘हिडन जेम’ (छिपे हुए खजाने) से कम नहीं है। जंगल के संकरे और रोमांचक रास्तों पर पैदल चलना तथा विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों की चहचहाहट के बीच ट्रेक पूरा करना ट्रैकर को एक अलग ही रिलैक्सेशन प्रदान करता है।Chirchiri Waterfall in Kaliba,Jashpur - Best Tourist Attraction near me in  Jashpur - Justdial

5. जशपुर की घाटियाँ और झरने झरनों के गढ़ के रूप में मशहूर जशपुर जिला अपनी विशेष भौगोलिक बनावट और ठंडी जलवायु के लिए जाना जाता है। यहाँ स्थित ‘रानीदाह’ और ‘दमेरा’ जैसे विशाल जलप्रपातों के आसपास के पथरीले और ऊंचे-ऊंचे पहाड़ी इलाके हाइकिंग और ट्रेकिंग के लिए बेहद मुफीद हैं। यहाँ का तापमान मैदानी इलाकों की तुलना में काफी कम रहता है, जो गर्मियों को बाय-बाय कहने के लिए बिल्कुल परफेक्ट है।Danapuri Waterfall - Picture of Jashpur, Jashpur District - Tripadvisor

छत्तीसगढ़ इको-टूरिज्म और एडवेंचर स्पोर्ट्स के मामले में देश के सबसे समृद्ध राज्यों में से एक है। गर्मियों के मौसम में ये हिल स्टेशन और ट्रेकिंग साइट्स पर्यटकों को सुरक्षित व प्राकृतिक वातावरण प्रदान करती हैं। पर्यटकों की सुविधा और सुरक्षा के लिए स्थानीय स्तर पर गाइड और ट्रेकिंग रूट्स को व्यवस्थित किया जा रहा है। — प्रबंध संचालक, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल (रायपुर)

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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