रीवा : मध्य प्रदेश के रीवा जिले से एक बेहद चौंकाने वाला और सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ एक ग्राम पंचायत के सरपंच की बेहद रहस्यमयी और संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस घटना के बाद से ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। मृतक की शिनाख्त गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली मड़वा ग्राम पंचायत के 55 वर्षीय सरपंच ताज मोहम्मद के रूप में की गई है। इस घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में भी खलबली मच गई और आनन-फानन में मामले की बारीकी से जांच शुरू कर दी गई है।
फल खाते ही बिगड़ी तबीयत
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सरपंच ताज मोहम्मद बीती शाम अपनी एक परिचित युवती प्रीति साकेत के घर पहुंचे थे। वे अपने साथ बाजार से कुछ खरबूजे और आम खरीदकर ले गए थे। इसके बाद चिरहुला इलाके में स्थित युवती के घर पर दोनों ने साथ बैठकर बड़े चाव से फल खाए। हालांकि, फल खाने के कुछ ही देर बाद सरपंच की तबीयत अचानक बेहद खराब होने लगी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, अचानक उनकी जुबान लड़खड़ाने लगी और वे देखते ही देखते जमीन पर गिरकर बेहोश हो गए।
अस्पताल पहुँचने से पहले थमी सांसें
तबीयत बिगड़ने के बाद सरपंच को गंभीर हालत में तुरंत रीवा के मशहूर संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, वहां मौजूद डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
यह पूरा घटनाक्रम बिछिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले चिरहुला इलाके का बताया जा रहा है। अस्पताल से मिली सूचना के बाद पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में ले लिया है। इसके साथ ही, पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई भी शुरू कर दी है।
परिजनों ने लगाया हत्या का गंभीर आरोप
इसके अलावा, मृतक सरपंच के परिजनों ने इस पूरी घटना को एक सोची-समझी साजिश करार दिया है। उन्होंने उस परिचित युवती पर फल में कोई जहरीला पदार्थ मिलाकर हत्या करने का सीधा और गंभीर आरोप लगाया है। परिजनों का दावा है कि घटना के बाद सरपंच के मोबाइल की कॉल डिटेल और फोटो गैलरी से कई महत्वपूर्ण चीजें जानबूझकर डिलीट की गई हैं। यह बात इस आशंका को और ज्यादा पुख्ता करती है कि मामले में कुछ न कुछ छिपाने की कोशिश जरूर की जा रही है।
पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
बिछिया थाना पुलिस अब इस पूरे मामले की हर एंगल से गहराई से पड़ताल कर रही है। दूसरी ओर, इलाके में चल रही तेज गर्मी के चलते हार्ट अटैक आने की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा रहा है।
यही कारण है कि पुलिस अभी किसी भी अंतिम नतीजे पर पहुँचने से बच रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मोबाइल डेटा को रिकवर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके विपरीत, मौत की असली और सटीक वजह का खुलासा तो अब पोस्टमार्टम (पीएम) रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा। बहरहाल, इस हाई-प्रोफाइल मामले को लेकर मड़वा ग्राम पंचायत और रीवा शहर में तरह-तरह की चर्चाओं का बाजार बेहद गर्म है।









