Petrol Diesel Availability : नई दिल्ली। देश में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच राहत की उम्मीद लगाए बैठे उपभोक्ताओं के लिए एक अहम खबर है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, फिलहाल पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी (उत्पाद शुल्क) में किसी भी प्रकार की कटौती करने पर सरकार कोई विचार नहीं कर रही है। सरकार का मानना है कि देश में ईंधन की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
सप्लाई चेन और वैकल्पिक स्रोतों का असर अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भारत ने वैश्विक ऊर्जा संकट की शुरुआत के समय ही रणनीतिक कदम उठाते हुए वैकल्पिक सप्लाई सोर्स (वैकल्पिक आपूर्ति स्रोतों) की ओर ध्यान केंद्रित कर लिया था। इसी पूर्व नियोजित रणनीति का परिणाम है कि आज देश के पास ईंधन का पर्याप्त रिजर्व मौजूद है। घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल की सप्लाई को लेकर किसी भी प्रकार की कमी या चिंता की स्थिति नहीं है।
वैश्विक बाजार पर सरकार की पैनी नजर यद्यपि सरकार ने अभी टैक्स में राहत देने से इनकार किया है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव की बारीकी से निगरानी की जा रही है। संबंधित अधिकारियों का कहना है कि ग्लोबल मार्केट के बदलते परिदृश्य पर सरकार की करीबी नजर है, ताकि भविष्य में अगर जरूरत पड़ी, तो समय रहते उचित निर्णय लिए जा सकें।
ऊर्जा सुरक्षा पर जोर सरकार की प्राथमिकता फिलहाल देश की ऊर्जा सुरक्षा और घरेलू बाजार में ईंधन की निर्बाध उपलब्धता बनाए रखने पर है। सरकार के मौजूदा आकलन के अनुसार, देश के पास मौजूद फ्यूल रिजर्व पर्याप्त हैं और उपभोक्ता घबराहट में न आएं, क्योंकि ईंधन की सप्लाई को लेकर स्थिति पूरी तरह सुरक्षित है।











