Tuesday, August 18, 2026
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Chhattisgarh Assembly Bhupesh Baghel : छत्तीसगढ़ विधानसभा में ‘अफीम की खेती’ पर हंगामा: भूपेश बघेल ने गृहमंत्री से मांगा इस्तीफा, कानून-व्यवस्था पर सरकार को घेरा

Chhattisgarh Assembly Bhupesh Baghel : रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सदन का माहौल उस समय गरमा गया जब पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश में अफीम की खेती के मामले को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान उन्होंने गृहमंत्री विजय शर्मा के इस्तीफे की मांग करते हुए इसे प्रदेश की कानून-व्यवस्था की विफलता बताया।

“नशे की खेती के लिए गृहमंत्री जिम्मेदार” भूपेश बघेल ने सदन में दावा किया कि प्रदेश के दो जिलों, दुर्ग और बलरामपुर (कुसमी ब्लॉक) में अफीम की खेती के मामले उजागर हुए हैं, जो बेहद शर्मनाक है। बघेल ने कहा, “दुर्ग में अफीम की खेती की सूचना पुलिस को पहले ही दे दी गई थी, जिसकी कॉल रिकॉर्डिंग मेरे पास है। इसके बावजूद मंत्री ने सदन में गुमराह करने वाला बयान दिया।” उन्होंने सवाल उठाया कि इस मामले के मुख्य आरोपी विनायक ताम्रकर को अब तक हथकड़ी क्यों नहीं लगाई गई और मामले में लीपापोती क्यों की जा रही है?

नक्सलवाद और झीरम का मुद्दा भी गरमाया सदन में नक्सलवाद के मुद्दे पर बहस के दौरान बघेल ने भाजपा सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि नक्सलवाद का विस्तार 15 वर्षों के उनके शासनकाल में हुआ। उन्होंने झीरम घाटी नक्सल हमले का उल्लेख करते हुए कहा कि सच सामने आना चाहिए। इस पर गृहमंत्री विजय शर्मा ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षाबलों ने लगातार कार्रवाई की है और झूठे आरोप नहीं लगाए जाने चाहिए।

कानून-व्यवस्था और बंगलों पर सवाल पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रदेश में बढ़ती हत्याओं, चाकूबाजी की घटनाओं और पुलिस हिरासत में मौतों का जिक्र करते हुए कवर्धा के एक बैगा आदिवासी युवक की हत्या का मामला भी उठाया। साथ ही, उन्होंने मंत्रियों द्वारा सरकारी बंगलों के उपयोग और कवर्धा में कथित ‘सदन’ (बंगला) निर्माण को लेकर बजट आवंटन पर भी सवाल खड़े किए। बघेल ने तंज कसते हुए कहा कि सरकार बंगले के मोह से बाहर नहीं निकल पा रही है।

सरकार का पलटवार सदन में भाजपा विधायकों ने पलटवार करते हुए कहा कि नक्सलवाद को खत्म करने के लिए सरकार का खजाना खुला है और पैसों की कोई कमी नहीं है। बहस के दौरान पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोक-झोंक देखने को मिली, जिसमें बघेल ने चुटकी लेते हुए कहा कि वे 31 मार्च का इंतजार कर रहे हैं, जब सरकार द्वारा नक्सलवाद के खात्मे का जश्न मनाया जाएगा।

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