पालघर, महाराष्ट्र : महाराष्ट्र के पालघर जिले के तारापुर-बोईसर औद्योगिक क्षेत्र में गुरुवार (21 अगस्त) को एक गंभीर औद्योगिक हादसा हुआ, जिसमें चार कर्मचारियों की मौत हो गई और दो गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना मेडली फार्मा कंपनी में हुई, जहां नाइट्रोजन रिएक्शन टैंक से गैस रिसाव हुआ।
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हादसे का समय और स्थान:
जानकारी के अनुसार, हादसा दोपहर लगभग 2:30 बजे से 3 बजे के बीच हुआ। प्लॉट नंबर 13 में काम कर रहे कर्मचारी अचानक नाइट्रोजन गैस के रिसाव का शिकार हुए। सभी प्रभावित कर्मचारियों को तुरंत शिंदे अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उपचार के दौरान चार लोगों की मौत हो गई, जबकि दो की हालत गंभीर बनी हुई है और उन्हें आईसीयू में रखा गया है।
मृतकों की पहचान:
मृतकों की पहचान कल्पेश राउत, बंगाली ठाकुर, धीरज प्रजापती और कमलेश यादव के रूप में हुई। गंभीर स्थिति में भर्ती लोगों की पहचान रोहन शिंदे और निलेश हाडल के रूप में हुई।
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पुलिस और अधिकारी की प्रतिक्रिया:
पालघर डिस्ट्रिक्ट डिजास्टर मैनेजमेंट सेल के प्रमुख विवेकानंद कदम ने बताया कि रिसाव के तुरंत बाद प्रभावित कर्मचारियों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। उन्होंने कहा कि इस हादसे की पूरी जांच की जा रही है। पालघर के पुलिस अधीक्षक यतिस देशमुख ने बताया कि फैक्ट्री में कुल 36 मजदूर काम कर रहे थे, जिनमें पांच लोग उस वक्त प्रोडक्शन क्षेत्र में मौजूद थे।
विधायक और स्थानीय प्रतिक्रियाएँ:
विधायक राजेंद्र गावित ने औद्योगिक सुरक्षा पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस औद्योगिक क्षेत्र की फैक्ट्रियों में इस प्रकार की घटनाएँ लगातार हो रही हैं। उनका आरोप है कि कहीं न कहीं फैक्ट्री प्रबंधन सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर रहा है।
सरकारी और औद्योगिक प्रतिक्रिया:
मेडली फार्मा कंपनी ने कहा कि यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण है और सभी प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की। कंपनी ने घटनास्थल पर सुरक्षा निरीक्षण और गैस रिसाव की वजह जानने के लिए टीम भेजी है।
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विशेषज्ञों की चेतावनी:
औद्योगिक सुरक्षा विशेषज्ञों ने इस घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि ऐसे रिसाव हादसे केवल कर्मचारियों की जान के लिए ही खतरा नहीं हैं, बल्कि आसपास के इलाके और पर्यावरण के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में नियमित सुरक्षा प्रशिक्षण और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली होना अनिवार्य है।
पालघर के इस औद्योगिक हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा के महत्व को उजागर किया है। अधिकारियों और कंपनी प्रबंधन को चाहिए कि वे तुरंत हादसे की जांच कर प्रभावित कर्मचारियों और उनके परिवारों को उचित सहायता प्रदान करें और भविष्य में ऐसे हादसों की रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाएँ।









