Koriya Crime News: कोरिया: छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के सोनहत जनपद पंचायत क्षेत्र से स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा और सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है। यहां एक पंचायत बैठक के दौरान महिला सरपंच के साथ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर गाली-गलौज करने, अभद्र व्यवहार करने और जान से मारने की धमकी देने का मामला प्रकाश में आया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सोनहत थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। पुलिस ने घटना में शामिल एक मुख्य आरोपी को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया है, जिसे न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया गया है, जबकि दूसरे आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
भुगतान की मांग को लेकर पंचायत भवन में हंगामा
पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह पूरा विवाद बीते 30 जून 2026 को दोपहर करीब 2:45 बजे शुरू हुआ। उस वक्त सोनहत के पंचायत भवन में पंच, सरपंच और सचिव की मौजूदगी में एक महत्वपूर्ण पंचायत बैठक संचालित हो रही थी। इसी दौरान जयकरन साहू नाम का व्यक्ति अचानक पंचायत भवन के भीतर दाखिल हुआ और अपने निजी बोर के भुगतान को जारी करने की मांग पर अड़ गया। इस पर जब महिला सरपंच ने उसे नियमानुसार टोकते हुए कहा कि बिना पंचायत की औपचारिक स्वीकृति और प्रस्ताव के कोई भी भुगतान संभव नहीं है, तो आरोपी जयकरन साहू अचानक बुरी तरह भड़क उठा।
‘जिंदा जलाकर मार देने’ की दी धमकी
आरोप है कि भुगतान से इंकार किए जाने पर जयकरन साहू ने महिला सरपंच की जनजातीय पहचान को निशाना बनाते हुए सरेआम जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया और अत्यंत अश्लील गाली-गलौज की। वह सरपंच को जान से मारने की धमकी देकर वहां से चला गया। इसके कुछ ही देर बाद उसका भतीजा राजेंद्र प्रसाद साहू (जो पेशे से अधिवक्ता बताया जा रहा है) भी वहां आ धमका। उसने भी मर्यादाओं की सारी हदें पार करते हुए सरपंच, सचिव और उपस्थित पंचों के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। इतना ही नहीं, आरोपी राजेंद्र ने कथित रूप से महिला सरपंच को ‘नौगई जैसा जिंदा जलाकर खत्म कर देने’ की खौफनाक धमकी भी दे डाली।
बीएनएस और एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज
घटना के बाद भयभीत और आहत महिला सरपंच ने तत्काल सोनहत थाने में मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने तत्काल अपराध क्रमांक 72/2026 दर्ज करते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296, 351(3) और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(1)(R-S) के तहत दोनों आरोपियों के विरुद्ध गैर-जमानती मामला दर्ज कर लिया।
मोबाइल लोकेशन से दबोचा गया आरोपी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) रवि कुमार कुर्रे और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेशा चौबे के निर्देशन में एक विशेष टीम गठित की गई। उप पुलिस अधीक्षक (HQ) आशा सेन और थाना प्रभारी निरीक्षक विनोद पासवान के नेतृत्व में टीम ने साइबर सेल की मदद ली। तकनीकी विश्लेषण और मोबाइल लोकेशन के आधार पर सटीक घेराबंदी करते हुए पुलिस ने आरोपी राजेंद्र प्रसाद साहू को धर दबोचा।
पुलिस की कड़ी पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया, जिसके बाद उसे विशेष न्यायालय बैकुंठपुर में पेश किया गया। न्यायालय ने आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि घटना के दूसरे नामजद आरोपी जयकरन साहू की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है और उसे भी जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।







