Sunday, September 20, 2026
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MP Railways : मध्यप्रदेश को मिली नई रेल लाइन की सौगात, 18 महीने में मिलेगी यात्रियों को बड़ी राहत

Indian Railway

भोपाल : मध्यप्रदेश के रेल नेटवर्क को और सशक्त बनाने के लिए केंद्र सरकार ने एक और बड़ा फैसला लिया है। रेल मंत्रालय ने रोहल खुर्द से भाटीसूड़ा तक नई रेल लाइन बनाने की मंजूरी दे दी है। यह रेल लाइन करीब 13.70 किलोमीटर लंबी होगी और इसके निर्माण से न केवल प्रदेश, बल्कि उत्तर भारत से जुड़ी ट्रेनों के संचालन में भी बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।

नागदा बायपास बनेगा गेमचेंजर
यह नई रेल लाइन नागदा बायपास के रूप में काम करेगी। फिलहाल दिल्ली-मथुरा-कोटा की तरफ से उज्जैन या इंदौर जाने वाली ट्रेनों को नागदा जंक्शन पर इंजन बदलने के लिए रोकना पड़ता है। इस प्रक्रिया में 30 मिनट से लेकर 2 घंटे तक का समय बर्बाद होता है। नई रेल लाइन बनने के बाद यह बाधा पूरी तरह खत्म हो जाएगी और ट्रेनों का संचालन सीधे मार्ग से हो सकेगा। इससे यात्रियों का समय और ईंधन दोनों की बचत होगी।

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390.36 करोड़ की लागत से बनेगी लाइन
इस प्रोजेक्ट की कुल अनुमानित लागत ₹390.36 करोड़ रखी गई है। रेलवे मंत्रालय ने इस योजना को तेज़ी से आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। विशेष रूप से 2028 के सिंहस्थ महाकुंभ मेले को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है, ताकि उस समय आने वाले यात्रियों को किसी असुविधा का सामना न करना पड़े।

18 महीने में होगा निर्माण कार्य पूरा
रेल मंत्रालय के अनुसार, इस परियोजना को 18 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। काम पूरा होते ही दिल्ली, आगरा, मथुरा, कोटा की दिशा से उज्जैन और इंदौर के बीच सीधा रेल संचालन संभव हो जाएगा। इससे मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों दोनों की रफ्तार में बढ़ोतरी होगी।

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15 साल पुरानी मांग पूरी हुई
नागदा बायपास रेल लाइन की मांग लगभग 15 साल पुरानी है। स्थानीय जनप्रतिनिधि, व्यापारिक संगठन और यात्रियों के समूह लगातार इस प्रोजेक्ट की जरूरत पर जोर देते रहे हैं। आखिरकार अब इस मंजूरी से मध्यप्रदेश के रेल ढांचे को एक नई दिशा मिलेगी।

आर्थिक और धार्मिक दृष्टि से लाभ
यह परियोजना न केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ाएगी, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था और पर्यटन क्षेत्र को भी बढ़ावा देगी। उज्जैन और इंदौर जैसे धार्मिक व व्यावसायिक शहरों तक रेल संपर्क सुगम होने से सिंहस्थ जैसे आयोजनों में भी भीड़ प्रबंधन आसान होगा।

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