निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : मध्यप्रदेश के शाजापुर जिले के बाड़ीगांव स्थित शांति वेयरहाउस में भंडारण क्षमता पूरी होने के कारण अचानक गेहूं की खरीदी रोक दी गई, जिससे किसानों का आक्रोश फूट पड़ा। कई दिनों से अपनी उपज बेचने का इंतजार कर रहे किसानों ने सड़क पर उतरकर चक्काजाम कर दिया।
सड़क पर उतरे किसान, लंबा जाम
नाराज किसानों ने सलसलाई-गुलाना मार्ग पर ट्रैक्टर-ट्रॉलियां खड़ी कर दीं, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। जाम के चलते आम लोगों के साथ-साथ स्कूली बच्चों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
तुलाई बंद होने से बढ़ी नाराजगी
किसानों का कहना था कि उन्हें कई दिनों के इंतजार के बाद तुलाई का नंबर मिला था, लेकिन ऐन मौके पर खरीदी बंद कर देना उनके साथ अन्याय है। इस फैसले ने किसानों की मुश्किलें और बढ़ा दीं।
प्रशासन मौके पर, समझाइश से हल
जाम की सूचना मिलते ही गुलाना तहसीलदार रितेश जोशी और पुलिस बल मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों से बातचीत कर स्थिति को समझाया और तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था करने का भरोसा दिलाया।
हरलाल वेयरहाउस में शुरू हुई खरीदी
सोसाइटी प्रबंधक असीम टोप्पो ने बताया कि शांति वेयरहाउस की क्षमता पूरी होने के बाद पास के हरलाल वेयरहाउस में आवंटन (मैपिंग) के लिए आवेदन किया गया था। उच्च अधिकारियों की अनुमति के बाद अब वहां तुलाई शुरू कर दी गई है।
6000 बोरी अतिरिक्त क्षमता से राहत
हरलाल वेयरहाउस में लगभग 6,000 बोरी की अतिरिक्त भंडारण क्षमता उपलब्ध है, जिससे अगले दो दिनों तक खरीदी का काम बिना रुकावट जारी रहेगा। इस आश्वासन के बाद किसानों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया।
खरीदी व्यवस्था पर सवाल
यह घटना एक बार फिर खरीदी प्रबंधन और भंडारण व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि समय रहते उचित योजना बनाई जाती तो ऐसी स्थिति टाली जा सकती थी।











