Ratlam Drunk TTE Case: यशवंत सिंह राठौर\रतलाम। मध्य प्रदेश के रतलाम शहर में रविवार रात एक सड़क हादसे के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया। आरोप है कि रेलवे का एक टीटीई शराब के नशे में कार चला रहा था और उसने दूसरी कार को टक्कर मार दी। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। मामला तब और गरमा गया जब घटनास्थल और बाद में जीआरपी चौकी पर कवरेज करने पहुंचे पत्रकारों के साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया गया।
Ratlam Drunk TTE Case: प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना शहर के डाट की पुल क्षेत्र की है। यहां रेलवे में पदस्थ टीटीई दिनेश संधु की कार ने दूसरी चार पहिया वाहन को टक्कर मार दी। स्थानीय लोगों का दावा है कि दुर्घटना के समय टीटीई नशे की हालत में था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक उसकी स्थिति ऐसी थी कि वह ठीक से खड़ा तक नहीं हो पा रहा था।
हादसे के बाद मौके पर लगी भीड़
Ratlam Drunk TTE Case: दुर्घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर एकत्र हो गए। सूचना मिलने पर रेलवे पुलिस (जीआरपी) को मामले की जानकारी दी गई। इसके बाद संबंधित टीटीई को पूछताछ के लिए जीआरपी चौकी ले जाया गया।
Ratlam Drunk TTE Case: मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि हादसे के बाद आरोपी टीटीई के कुछ परिचित और साथी भी चौकी पहुंच गए, जहां उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। इसी दौरान मामले की कवरेज करने पहुंचे पत्रकारों के साथ बहस और अभद्रता किए जाने की बात सामने आई।
पत्रकारों ने लगाया कवरेज में बाधा डालने का आरोप
Ratlam Drunk TTE Case:मीडिया कर्मियों का आरोप है कि कुछ लोगों ने समाचार कवरेज को रोकने और पूरे मामले को दबाने का प्रयास किया। पत्रकारों के साथ हुई कथित अभद्रता की जानकारी मिलते ही शहर के कई वरिष्ठ पत्रकार और प्रेस क्लब से जुड़े पदाधिकारी जीआरपी चौकी पहुंच गए।
Ratlam Drunk TTE Case: पत्रकारों ने घटना पर नाराजगी जताते हुए कहा कि मीडिया कर्मियों के साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।
जीआरपी की कार्यप्रणाली पर भी उठे सवाल
Ratlam Drunk TTE Case: पूरे घटनाक्रम के दौरान रेलवे पुलिस की भूमिका को लेकर भी सवाल खड़े हुए। मौके पर मौजूद कुछ लोगों का आरोप था कि जीआरपी कर्मी आरोपी टीटीई के प्रति नरम रवैया अपनाते दिखाई दिए। इससे लोगों और पत्रकारों में नाराजगी और बढ़ गई।
Ratlam Drunk TTE Case: हालांकि बाद में वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद मामले को गंभीरता से लिया गया। शिकायत मिलने पर जीआरपी थाना प्रभारी Sohan Patidar मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली।
सार्वजनिक माफी के बाद शांत हुआ विवाद
Ratlam Drunk TTE Case: सूत्रों के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित टीटीई को बुलाया गया और पत्रकारों से सार्वजनिक रूप से माफी मंगवाई गई। इसके बाद स्थिति सामान्य हुई और विवाद शांत हो सका।
Ratlam Drunk TTE Case: इस घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक पदों पर कार्यरत कर्मचारियों की जिम्मेदारी, सड़क सुरक्षा और मीडिया कर्मियों के सम्मान जैसे मुद्दों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
मामले ने खड़े किए कई सवाल
Ratlam Drunk TTE Case: घटना के बाद शहर में यह चर्चा तेज हो गई है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी शराब के नशे में वाहन चलाता है और उसके खिलाफ आरोप लगते हैं, तो ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच और कार्रवाई बेहद जरूरी है। वहीं पत्रकारों के साथ कथित अभद्रता की घटना ने भी कई सवाल खड़े किए हैं।
Ratlam Drunk TTE Case: फिलहाल मामले को लेकर संबंधित विभाग और रेलवे पुलिस की ओर से आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।









