Indore Encroachment: इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में सरकारी कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाला एक बड़ा मामला सामने आया है। हीरानगर थाना क्षेत्र की सुवेश विहार कॉलोनी में मंगलवार को प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम 1000 वर्गफीट के विवादित प्लॉट से अवैध कब्जा हटाने पहुंची थी। लेकिन जैसे ही कार्रवाई शुरू हुई, कब्जाधारियों ने विरोध करते हुए हंगामा खड़ा कर दिया। देखते ही देखते स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की, मारपीट और हमले की नौबत आ गई। हालात बेकाबू होते देख अधिकारियों को कार्रवाई बीच में ही रोकनी पड़ी और पूरी टीम को मौके से वापस लौटना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई एसडीएम के आदेश के तहत की जा रही थी। लंबे समय से विवादित चल रहे इस प्लॉट का वैधानिक कब्जा आवेदक मुन्नालाल धनापोरे को दिलाने के लिए राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची थी। प्रशासन ने पूरी तैयारी के साथ कार्रवाई शुरू की, लेकिन कब्जाधारियों ने इसका कड़ा विरोध करते हुए अधिकारियों को घेर लिया।
Indore Encroachment: प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कब्जाधारियों ने प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध करते हुए पुलिस और राजस्व अधिकारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया। विरोध बढ़ने पर धक्का-मुक्की और मारपीट की स्थिति बन गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। कुछ देर के लिए पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया और स्थानीय लोगों की भीड़ भी मौके पर जमा हो गई। कानून-व्यवस्था बिगड़ती देख अधिकारियों ने कार्रवाई तत्काल रोक दी और सुरक्षा कारणों से टीम को वापस लौटना पड़ा।
घटना के बाद आवेदक मुन्नालाल धनापोरे ने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सक्षम न्यायालय और एसडीएम के स्पष्ट आदेश होने के बावजूद उन्हें आज तक उनकी जमीन का कब्जा नहीं दिलाया जा सका। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने पर्याप्त सुरक्षा और प्रभावी कार्रवाई नहीं की, जिसके कारण कब्जाधारी अब भी प्लॉट पर काबिज हैं। उन्होंने मांग की कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर उन्हें जल्द से जल्द उनकी जमीन का वैधानिक कब्जा दिलाया जाए।
Indore Encroachment: वहीं प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि सरकारी कार्य में बाधा डालने, अधिकारियों से मारपीट करने और कानून-व्यवस्था भंग करने वाले लोगों की पहचान की जा रही है। मौके पर मौजूद पुलिस द्वारा वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। दोषियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने घटना के बाद पूरे सुवेश विहार क्षेत्र में अतिरिक्त बल तैनात कर दिया है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। प्रशासन ने भी संकेत दिए हैं कि पर्याप्त पुलिस सुरक्षा के साथ जल्द ही दोबारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी और न्यायालय के आदेश का हर हाल में पालन कराया जाएगा।
Indore Encroachment: सरकारी कार्रवाई के दौरान अधिकारियों और पुलिसकर्मियों पर हुए इस हमले ने एक बार फिर प्रशासनिक सुरक्षा व्यवस्था और अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान सामने आने वाली चुनौतियों को उजागर कर दिया है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि प्रशासन आरोपियों के खिलाफ कितनी सख्ती दिखाता है और आवेदक को उसके प्लॉट का कब्जा कब तक दिला पाता है।







