Mahadev App Laundering Case: नई दिल्ली। देश के बहुचर्चित और अरबों रुपये के ‘महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप’ से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनोरंजन और खेल जगत की जानी-मानी हस्ती पर शिकंजा कस दिया है। बिग बॉस 13 की पूर्व कंटेस्टेंट और मशहूर स्पोर्ट्स प्रेजेंटर शेफाली बग्गा से केंद्रीय जांच एजेंसी ने अवैध सट्टा सिंडिकेट से संबंधों को लेकर लंबी पूछताछ की है।
यह कार्रवाई 30 मई को शेफाली के दिल्ली स्थित आवास पर हुई ED की छापेमारी की अगली कड़ी है, जिसमें एजेंसी ने ₹30 लाख की नकदी जब्त की थी। अब सोमवार (20 जुलाई 2026) को इस मामले में शेफाली के दुबई और लंदन कनेक्शन को लेकर कई नए व चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।
58 लाख फॉलोअर्स और टेलीग्राम चैनल का ‘क्राइम नेटवर्क’
ED की जांच में यह बात सामने आई है कि शेफाली बग्गा ने अपने विशाल सोशल मीडिया बेस का इस्तेमाल इस अवैध धंधे को बढ़ावा देने के लिए किया।
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इंस्टाग्राम के जरिए फंसाया: शेफाली के इंस्टाग्राम अकाउंट पर करीब 58 लाख फॉलोअर्स हैं। आरोप है कि यहाँ से वे अपने फैंस को एक विशेष टेलीग्राम चैनल की ओर डाइवर्ट करती थीं।
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24 हजार सब्सक्राइबर का सिंडिकेट: इस टेलीग्राम चैनल पर 24,000 से अधिक लोग जुड़े थे, जहां उन्हें सट्टेबाजी के टिप्स, कैश-आउट और प्रॉफिट बुकिंग के तरीके सिखाए जाते थे।
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आयकर विभाग का झूठा डर: प्रमोशनल पोस्ट्स में यह भ्रामक दावा भी किया जाता था कि इस ऐप के जरिए सट्टे से जीती गई रकम पर आयकर विभाग (Income Tax) या कोई भी सरकारी एजेंसी कोई कानूनी कार्रवाई नहीं कर पाएगी।
शेफाली का बयान— “पिता देखते थे वित्तीय लेनदेन”, भाई भी रडार पर
ED के तीखे सवालों का सामना करते हुए शेफाली बग्गा ने वित्तीय हेरफेर में खुद को बेगुनाह बताने की कोशिश की। पूछताछ के दौरान शेफाली ने खुलासा किया कि ब्रांड एंडोर्समेंट, सट्टा ऐप से जुड़ी डील्स, कैश पेमेंट और तमाम तरह के वित्तीय लेनदेन का प्रबंधन उनके पिता विपिन बग्गा संभालते थे।
इस बयान के बाद ED ने तत्काल कार्रवाई करते हुए शेफाली के पिता विपिन बग्गा और भाई शिवांश बग्गा को पूछताछ के लिए समन जारी किया है। हालांकि, दोनों अभी तक जांच एजेंसी के सामने पेश नहीं हुए हैं और लगातार फरार चल रहे हैं।
दुबई और लंदन यात्राओं में छुपा है हवाला का राज?
ED को अंदेशा है कि इस अवैध प्रमोशन के बदले शेफाली बग्गा को महादेव ऐप के प्रमोटरों द्वारा भारी-भरकम भुगतान किया गया है। वर्तमान में जांच एजेंसी शेफाली की हालिया दुबई और लंदन यात्राओं के यात्रा दस्तावेजों और खर्चों की बारीकी से पड़ताल कर रही है। ED को शक है कि इन विदेश यात्राओं का सीधा संबंध महादेव सिंडिकेट के शीर्ष आकाओं या हवाला नेटवर्क से हो सकता है। यदि पिता और भाई जल्द ही ED के सामने पेश नहीं होते हैं, तो एजेंसी कोर्ट के माध्यम से उनके खिलाफ कड़े कानूनी कदम उठाने की तैयारी में है।







