Malikhedi Farmer Culvert Permission: मालीखेड़ी किसान पुलिया अनुमति का मामला उज्जैन जिले की घट्टिया तहसील में चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्राम मालीखेड़ी के एक किसान को अपनी कृषि भूमि तक पहुंचने के लिए नाले पर पुलिया निर्माण की अनुमति चाहिए, लेकिन दो महीने बीत जाने के बाद भी उसे मंजूरी नहीं मिल सकी है।मानसून नजदीक आने के कारण किसान की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ तो खेती का काम प्रभावित हो सकता है।
मालीखेड़ी किसान पुलिया अनुमति मामले में किसान बनेलाल परमार ने बताया कि उनकी कृषि भूमि नाले के दूसरी ओर स्थित है। खेत तक आसानी से पहुंचने के लिए पुलिया का निर्माण जरूरी है।उन्होंने 6 अप्रैल को तहसीलदार घट्टिया को आवेदन देकर निर्माण की अनुमति मांगी थी। किसान का कहना है कि बिना पुलिया के बरसात के दौरान खेत तक पहुंचना बेहद मुश्किल हो जाएगा।
तकनीकी रिपोर्ट के इंतजार में अटका मामला
मालीखेड़ी किसान पुलिया अनुमति प्रकरण में 29 मई को नायब तहसीलदार द्वारा तकनीकी रिपोर्ट मांगी गई थी। लेकिन रिपोर्ट अभी तक संबंधित कार्यालय को प्राप्त नहीं हुई है।रिपोर्ट नहीं आने के कारण अनुमति की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई है और मामला प्रशासनिक स्तर पर लंबित बना हुआ है।
पंचायत ने दी सशर्त सहमति
मालीखेड़ी किसान पुलिया अनुमति को लेकर ग्राम पंचायत मालीखेड़ी ने लिखित रूप से अपना पक्ष भी रखा है। पंचायत ने कहा है कि यदि पुलिया निर्माण से किसी प्रकार की जनहानि की आशंका नहीं है तो उसे आपत्ति नहीं है।हालांकि पंचायत ने यह भी स्पष्ट किया है कि बरसात के दौरान जलस्तर बढ़ने से यदि कोई दुर्घटना होती है तो उसकी जिम्मेदारी पंचायत की नहीं होगी।
किसान ने लगाए देरी के आरोप
मालीखेड़ी किसान पुलिया अनुमति मामले में किसान बनेलाल परमार ने आरोप लगाया है कि उनके आवेदन पर जानबूझकर देरी की जा रही है। उनका कहना है कि संबंधित अधिकारी और जिम्मेदार लोग मामले को आगे बढ़ाने के बजाय टाल रहे हैं।किसान के अनुसार यदि बारिश शुरू हो गई तो खेत तक पहुंचना लगभग असंभव हो जाएगा, जिससे खेती और फसल दोनों प्रभावित हो सकती हैं।
पंचायत ने बताई दूसरी चिंता
मालीखेड़ी किसान पुलिया अनुमति को लेकर पंचायत का एक अलग पक्ष भी सामने आया है। पंचायत का कहना है कि प्रस्तावित पुलिया निर्माण से हाल ही में बने श्मशान घाट की रिटर्निंग वॉल को नुकसान पहुंचने की आशंका है।इसी कारण पंचायत ने किसान को वैकल्पिक मार्ग विकसित करने की सलाह दी है।
एसडीएम ने दिया समाधान का भरोसा
मालीखेड़ी किसान पुलिया अनुमति मामले पर एसडीएम घट्टिया राजाराम करजरे ने कहा है कि प्रशासन ने मामले का संज्ञान ले लिया है।उन्होंने बताया कि तहसीलदार स्तर पर प्रकरण की समीक्षा की जा रही है। मौके का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति के आधार पर जल्द निर्णय लिया जाएगा ताकि किसान की समस्या का समाधान निकाला जा सके।
मानसून से पहले फैसला जरूरी
मालीखेड़ी किसान पुलिया अनुमति का मामला अब समय के साथ और महत्वपूर्ण होता जा रहा है। मानसून शुरू होने से पहले यदि अनुमति और निर्माण की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई तो किसान की खेती प्रभावित हो सकती है।अब ग्रामीणों और किसान की नजर प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हुई है।









