Kuno National Park: मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से चीता संरक्षण को लेकर बड़ी खुशखबरी सामने आई है। भारत में जन्मी मादा चीता KGP12 ने शुक्रवार, 18 सितंबर को चार नन्हे शावकों को जन्म दिया है। चार नए शावकों के जन्म के साथ ही भारत में चीतों की कुल संख्या 52 से बढ़कर 56 हो गई है।कूनो में चीतों की संख्या बढ़ने को प्रोजेक्ट चीता के लिए एक अहम उपलब्धि माना जा रहा है। खास बात यह है कि नए शावकों का जन्म भारत में जन्मी मादा चीता से हुआ है, जो देश में चीता संरक्षण और प्राकृतिक प्रजनन की दिशा में महत्वपूर्ण संकेत है।
कूनो राष्ट्रीय उद्यान में मादा चीता KGP12 ने शुक्रवार को चार शावकों को जन्म दिया। पार्क प्रबंधन और चीता संरक्षण से जुड़े लोगों के लिए यह खबर इसलिए भी खास है क्योंकि देश में चीता पुनर्स्थापना के बाद अब भारत में ही चीतों का प्राकृतिक प्रजनन आगे बढ़ रहा है।चार नए शावकों के आने के बाद कूनो में चीतों की संख्या को लेकर उत्साह बढ़ गया है। आने वाले समय में इन शावकों की देखभाल और निगरानी भी महत्वपूर्ण होगी।
चार साल पहले शुरू हुआ था प्रोजेक्ट चीता
भारत में चीता पुनर्स्थापना की शुरुआत 17 सितंबर 2022 को कूनो राष्ट्रीय उद्यान से हुई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू किए गए इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य भारत में चीतों की आबादी को फिर से स्थापित करना है।अफ्रीका से लाए गए चीतों को कूनो के अनुकूल वातावरण में बसाने की प्रक्रिया के बाद यहां चीतों का कुनबा लगातार बढ़ता गया है। अब भारत में जन्मे शावकों की संख्या बढ़ना इस परियोजना के लिए एक अलग उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
A truly historic and joyous moment for Project Cheetah!
A day after India’s Cheetah Project completed four years, KGP12, an Indian-born female cheetah, has given birth to four cubs in Kuno.
Four years, four new lives—a beautiful symbol of hope, resilience and the growing… pic.twitter.com/f1zbqSvx1b
— Bhupender Yadav (@byadavbjp) September 18, 2026
चार साल में बढ़ता गया चीतों का कुनबा
प्रोजेक्ट चीता की शुरुआत के बाद कूनो में कई बार नए शावकों के जन्म की खबर सामने आ चुकी है। इससे भारत में चीता संरक्षण को लेकर उम्मीद बढ़ी है।KGP12 के चार शावकों को जन्म देने के बाद भारत में चीतों की संख्या 56 तक पहुंचने की जानकारी दी गई है। यह संख्या बताती है कि कूनो में चीता पुनर्स्थापना के साथ प्रजनन की प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है।
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प्राकृतिक प्रजनन से बढ़ी उम्मीद
कूनो में भारत में जन्मी मादा चीता के शावकों को जन्म देने की खबर प्रोजेक्ट चीता के लिए खास मानी जा रही है। इससे यह संकेत मिलता है कि यहां चीतों के लिए ऐसा वातावरण तैयार करने की कोशिश आगे बढ़ रही है, जहां वे प्राकृतिक रूप से प्रजनन कर सकें।चार नए शावकों के जन्म के साथ अब निगरानी और उनकी सुरक्षा पर भी ध्यान रहेगा। वन विभाग और पार्क प्रबंधन के लिए इन नन्हे चीतों को सुरक्षित रखना अहम जिम्मेदारी होगी।
‘चार साल, चार नई जिंदगियां’
प्रोजेक्ट चीता की यात्रा में KGP12 के चार शावकों का जन्म एक भावनात्मक और महत्वपूर्ण पड़ाव के तौर पर सामने आया है। इसे ‘चार वर्ष और चार नई जिंदगियां’ के रूप में भी देखा जा रहा है।कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीतों की बढ़ती संख्या भारत में इस वन्यजीव संरक्षण परियोजना की आगे की यात्रा के लिए नई उम्मीद पैदा कर रही है।







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