MP के इस गांव में पानी के लिए देने पड़ रहे ₹400, 4.30 करोड़ की योजना अब तक अधूरी

Rahul Goshwami

Morena Water Crisis: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क- मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के रामपुरकलां गांव में पानी का संकट लंबे समय से बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि करीब 12 साल से गांव में पर्याप्त पेयजल की समस्या दूर नहीं हो पाई है। हैरानी की बात यह है कि करीब 4.30 करोड़ रुपये की लागत वाली जल जीवन मिशन योजना स्वीकृत होने के बावजूद लोगों को जरूरत के मुताबिक पानी के लिए अपनी जेब ढीली करनी पड़ रही है।ग्रामीणों के मुताबिक, पानी लेने के लिए उन्हें निजी स्तर पर भुगतान करना पड़ता है। आधे घंटे पानी लेने के लिए करीब 200 रुपये, जबकि एक घंटे के लिए 400 रुपये तक देने पड़ रहे हैं। ऐसे में रोजमर्रा की जरूरत के पानी का इंतजाम ग्रामीण परिवारों के लिए अतिरिक्त खर्च बन गया है।

रामपुरकलां में जल संकट को देखते हुए 11 मई को जिला कलेक्टर लोकेश जांगिड़ ने ग्राम चौपाल लगाई थी। इस दौरान उन्होंने तत्कालीन पीएचई एसडीओ शालिनी सिंह से जल जीवन मिशन योजना की प्रगति और इसके शुरू होने की जानकारी ली थी।बताया गया कि योजना को करीब तीन महीने में शुरू कर दिया जाएगा। लेकिन अब इस समयसीमा से करीब चार महीने से ज्यादा समय बीत चुका है। इसके बावजूद गांव में नल-जल योजना पूरी तरह शुरू नहीं हो सकी है।

टंकी का काम भी अधूरा
जल जीवन मिशन के तहत रामपुरकलां में हर घर तक पानी पहुंचाने के लिए काम चल रहा है। योजना के तहत पानी की टंकी के निर्माण के लिए पिलर खड़े करने का ढांचा तैयार किया जा चुका है, लेकिन निर्माण का काम अभी पूरा नहीं हुआ है।स्थानीय स्तर पर योजना की प्रगति धीमी होने से ग्रामीणों की परेशानी बनी हुई है। उन्हें सरकारी नल-जल व्यवस्था शुरू होने का इंतजार है, ताकि पानी के लिए निजी तौर पर पैसा खर्च न करना पड़े।
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अब टीम करेगी पूरे मामले का ऑडिट
पानी की समस्या को लेकर जिला पंचायत सीईओ कमलेश भार्गव ने कहा कि रामपुरकलां क्षेत्र में पेयजल की समस्या बनी हुई है। अब स्थिति का जायजा लिया जाएगा और इसके लिए टीम भेजकर ऑडिट कराया जाएगा।उन्होंने कहा कि जरूरत के अनुसार नए बोर कराए जाएंगे। साथ ही गांव में जो बोर बंद हैं या खराब पड़े हैं, उनकी भी जांच कराई जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक, उपलब्ध जल स्रोतों की स्थिति देखने के बाद आगे की व्यवस्था तय की जाएगी।

2019 में शुरू हुआ था जल जीवन मिशन
केंद्र सरकार ने 15 अगस्त 2019 को जल जीवन मिशन की शुरुआत की थी। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक नल के जरिए सुरक्षित पेयजल पहुंचाना है।अब योजना को जल जीवन मिशन 2.0 के रूप में आगे बढ़ाया गया है। इसके तहत दिसंबर 2028 तक ग्रामीण क्षेत्रों के हर परिवार तक नल से शुद्ध पानी पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।रामपुरकलां में करीब 12 साल से चले आ रहे पानी के संकट के बीच अब ग्रामीणों की नजर जल जीवन मिशन के अधूरे काम और प्रस्तावित ऑडिट पर है। योजना कब पूरी तरह चालू होगी और लोगों को नियमित नल से पानी कब मिलेगा, यह आगे की कार्रवाई के बाद स्पष्ट होगा।

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