MP Assembly : भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन कांग्रेस विधायक अजय सिंह ‘राहुल’ ने स्कूली शिक्षा में हो रही अवैध वसूली, निजी स्कूलों की मनमानी और किताब-कॉपी कमीशनखोरी को लेकर सरकार को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के ज़रिए बताया कि कैसे प्रदेश के लाखों अभिभावकों को निजी स्कूल लूट रहे हैं और शासन मूकदर्शक बना हुआ है।
MP Assembly : विधायक ने सदन में एनसीईआरटी की किताबें दिखाकर सरकार से पूछा कि जब सरकारी आदेशों में एनसीईआरटी लागू करने के निर्देश हैं, तो फिर निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें क्यों बेची जा रही हैं? उन्होंने सवाल उठाया कि क्यों अभिभावकों को इन किताबों, ड्रेस और कॉपियों को खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
MP Assembly : अजय सिंह ने यह भी कहा कि फीस एक्ट 2017 के तहत यदि कोई स्कूल निर्धारित शर्तों को पूरा नहीं करता, तो उसे फीस बढ़ाने का अधिकार नहीं है। लेकिन सच्चाई यह है कि अधिकतर स्कूलों ने पोर्टल पर फीस संबंधी कोई जानकारी अपलोड ही नहीं की।
MP Assembly : उन्होंने आरोप लगाया कि कमीशनखोरी के लालच में बच्चों के बस्तों का बोझ लगातार बढ़ाया जा रहा है, जो मानवाधिकारों और बाल अधिकार कानून का सरासर उल्लंघन है। इस पर कार्रवाई करने के बजाय प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है।
MP Assembly : वहीं नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा परिसर में ‘भैंस के आगे बीन बजाने’ का प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया। सिंघार ने कहा कि भाजपा सरकार जनता की पीड़ा और विपक्ष के सवालों पर एकदम चुप है, जैसे भैंस बीन सुनकर भी कोई प्रतिक्रिया नहीं देती। उन्होंने भाजपा सरकार को पूरी तरह संवेदनहीन बताते हुए कहा कि कांग्रेस सड़क से सदन तक इस चुप्पी और जनविरोधी रवैये के खिलाफ संघर्ष जारी रखेगी।
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