Morena News: मुरैना। मध्य प्रदेश के मुरैना नगर निगम के वार्ड क्रमांक-03 में वर्षों से चली आ रही मूलभूत सुविधाओं की बदहाली के खिलाफ लोगों का गुस्सा आखिरकार सड़क पर फूट पड़ा। वार्ड के निरीक्षण पर पहुंचे नगर निगम के डिप्टी कमिश्नर एल.एस. डोडिया और महापौर का स्थानीय नागरिकों ने घेराव कर दिया। नाराज वार्डवासी अधिकारियों की गाड़ियों के सामने बैठ गए और सड़क, जलभराव तथा जल निकासी की गंभीर समस्या को लेकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
10 साल से बदहाल वार्ड, बारिश में हालात और खराब
स्थानीय लोगों का आरोप है कि वार्ड क्रमांक-03 पिछले लगभग 10 वर्षों से विकास की राह देख रहा है। कई गलियां आज भी कच्ची हैं और बारिश होते ही पूरे इलाके में जलभराव की स्थिति बन जाती है। खासतौर पर काशीपुर क्षेत्र में सड़कें तालाब जैसी नजर आती हैं, जिससे लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो जाता है।
रहवासियों का कहना है कि बारिश का पानी कई दिनों तक गलियों में भरा रहता है क्योंकि उचित जल निकासी व्यवस्था नहीं है। इससे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है। कई स्थानों पर कीचड़ और गंदगी के कारण दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है।
अधिकारियों के सामने रखी समस्याएं, की तत्काल कार्रवाई की मांग
Morena News: प्रदर्शन के दौरान वार्डवासियों ने डिप्टी कमिश्नर और महापौर को मौके पर ही अपनी समस्याओं से अवगत कराया। लोगों ने कहा कि वर्षों से सिर्फ आश्वासन मिल रहे हैं, लेकिन धरातल पर कोई ठोस काम नहीं हुआ। उन्होंने सड़क निर्माण, नालियों के निर्माण और स्थायी जल निकासी व्यवस्था की तत्काल मांग की।
7 दिन में काम शुरू कराने का दिया आश्वासन
लोगों के विरोध के बाद नगर निगम के डिप्टी कमिश्नर एल.एस. डोडिया ने वार्डवासियों को भरोसा दिलाया कि अगले 7 दिनों के भीतर आवश्यक निर्माण कार्य शुरू कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग को निर्देश देकर प्राथमिकता के आधार पर समस्याओं का समाधान कराया जाएगा।
चेतावनी: वादा पूरा नहीं हुआ तो होगा बड़ा आंदोलन
Morena News: हालांकि, वार्डवासियों ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 7 दिनों के भीतर सड़क और जल निकासी का काम शुरू नहीं हुआ, तो वार्ड की जनता नगर निगम आयुक्त कार्यालय और अधिकारियों के सरकारी आवास का घेराव करेगी। लोगों ने कहा कि अब वे केवल आश्वासन नहीं, बल्कि धरातल पर काम देखना चाहते हैं।
फिलहाल नगर निगम प्रशासन ने जल्द कार्रवाई का भरोसा दिया है, लेकिन अब सभी की नजर इस बात पर है कि सात दिन बाद यह आश्वासन हकीकत में बदलता है या वार्डवासियों का आंदोलन और तेज होता है।







