MP Energy Department: 6 हजार संविदा कर्मचारियों को मिलेगा नियमितीकरण का लाभ, ऊर्जा विभाग ने जारी किए निर्देश; 10 हजार रिक्त पदों पर होगी प्रक्रिया

Anuj Nirala

MP Energy Department: भोपाल। मध्य प्रदेश के ऊर्जा विभाग में वर्षों से संविदा पर कार्य कर रहे कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। प्रदेश सरकार ने बिजली वितरण कंपनियों में कार्यरत करीब 6 हजार संविदा कर्मचारियों को नियमित (स्थायी) करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। इस निर्णय के बाद लंबे समय से नियमित नियुक्ति की मांग कर रहे हजारों कर्मचारियों की उम्मीदें बढ़ गई हैं। विभाग का मानना है कि इस कदम से न केवल कर्मचारियों को स्थायी सेवा का लाभ मिलेगा, बल्कि बिजली कंपनियों में वर्षों से खाली पड़े पद भी भर सकेंगे और बिजली व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

10 हजार रिक्त पदों पर चरणबद्ध तरीके से होगी नियुक्ति

ऊर्जा विभाग की विभिन्न बिजली वितरण कंपनियों में इस समय करीब 10 हजार पद रिक्त हैं। इन्हीं पदों पर पात्र संविदा कर्मचारियों को चरणबद्ध तरीके से नियमित किया जाएगा। लंबे समय से रिक्त पदों के कारण वितरण कंपनियों में कार्य का दबाव बढ़ रहा था। नियमितीकरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद कर्मचारियों की कमी दूर होने के साथ उपभोक्ताओं को भी बेहतर और तेज सेवाएं मिलने की उम्मीद है।

MP Topper Scooty: मेधावी छात्रों के लिए बड़ा फैसला टॉपर स्कूटी योजना के नियम बदले, अब 70% अंक लाने पर ही मिलेगा लाभ

विभागीय परीक्षा के आधार पर होगा नियमितीकरण

MP Energy Department: ऊर्जा विभाग ने स्पष्ट किया है कि नियमितीकरण सीधे नहीं होगा, बल्कि इसके लिए 100 अंकों की विभागीय परीक्षा आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा में सफल होने वाले कर्मचारियों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार नियमित नियुक्ति का लाभ मिलेगा।

श्रेणीवार पात्रता निर्धारित

विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार अलग-अलग वर्गों के लिए न्यूनतम अंक तय किए गए हैं—

  • अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के अभ्यर्थियों को कम से कम 40 अंक प्राप्त करना अनिवार्य होगा।
  • सामान्य वर्ग (General Category) के कर्मचारियों को न्यूनतम 50 अंक (50 प्रतिशत) हासिल करना होगा।

अनुभव का मिलेगा अतिरिक्त लाभ

MP Energy Department: ऊर्जा विभाग ने लंबे समय से सेवाएं दे रहे कर्मचारियों को विशेष राहत भी दी है। विभागीय परीक्षा में पात्रता अंक हासिल करने के बाद कर्मचारियों को उनके कार्य अनुभव के आधार पर अधिकतम 30 बोनस अंक दिए जाएंगे। इससे कई वर्षों से संविदा पर कार्यरत कर्मचारियों को नियमित नियुक्ति में अतिरिक्त लाभ मिलेगा।

बिजली कंपनियों में बढ़ेगी कार्यक्षमता

ऊर्जा विभाग का मानना है कि नियमितीकरण के बाद बिजली वितरण कंपनियों में मानव संसाधन की कमी काफी हद तक दूर होगी। इससे बिजली आपूर्ति, रखरखाव, शिकायतों के निराकरण और तकनीकी कार्यों में तेजी आएगी। लंबे समय से रिक्त पदों के कारण कई क्षेत्रों में कर्मचारियों पर अतिरिक्त कार्यभार था, जिसे इस निर्णय से कम किया जा सकेगा।

MP Agriculture: MP ने अनाज भंडारण में बनाई बड़ी छलांग, 35 लाख मीट्रिक टन क्षमता के साथ देश में 5वें स्थान पर; पंजाब-हरियाणा समेत कई राज्य पीछे

संविदा कर्मचारियों में खुशी की लहर

MP Energy Department: सरकार के इस फैसले के बाद प्रदेशभर के संविदा कर्मचारियों में खुशी का माहौल है। वर्षों से नियमितीकरण की मांग कर रहे कर्मचारी संगठनों ने इसे सकारात्मक कदम बताया है। कर्मचारियों को उम्मीद है कि विभाग अब जल्द ही परीक्षा का कार्यक्रम जारी करेगा और निर्धारित प्रक्रिया पूरी कर नियमित नियुक्तियां शुरू करेगा।

ऊर्जा विभाग के इस निर्णय को प्रदेश के हजारों संविदा कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। अब सभी की नजर विभाग द्वारा जारी होने वाली परीक्षा की अधिसूचना और नियमितीकरण की आगामी प्रक्रिया पर टिकी हुई है।

Share The News
Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *