MP Topper Scooty: भोपाल। मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले मेधावी विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। राज्य सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग ने टॉपर स्कूटी योजना के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब 12वीं बोर्ड परीक्षा में अपने स्कूल में टॉप करने वाले उन्हीं छात्र-छात्राओं को स्कूटी योजना का लाभ मिलेगा, जिन्होंने कम से कम 70 प्रतिशत अंक प्राप्त किए होंगे। नए नियम लागू होने के बाद 70 प्रतिशत से कम अंक लाने वाले विद्यार्थी, भले ही अपने स्कूल के टॉपर हों, इस योजना के पात्र नहीं होंगे।
60% से बढ़ाकर 70% की गई पात्रता
स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, स्कूटी योजना के लिए न्यूनतम अंकों की सीमा बढ़ा दी गई है। पहले इस योजना का लाभ उन विद्यार्थियों को भी मिल जाता था, जिन्होंने 12वीं बोर्ड परीक्षा में 60 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त किए थे और अपने स्कूल में प्रथम स्थान हासिल किया था। अब इस पात्रता को बढ़ाकर 70 प्रतिशत कर दिया गया है।
इस बदलाव के बाद केवल वे छात्र-छात्राएं ही योजना का लाभ प्राप्त कर सकेंगे, जिन्होंने अपने विद्यालय में सर्वोच्च अंक हासिल करने के साथ-साथ 70 प्रतिशत या उससे अधिक अंक भी प्राप्त किए हों।
टॉप करने के बावजूद नहीं मिलेगा लाभ
MP Topper Scooty:नए नियमों के तहत यदि कोई विद्यार्थी अपने सरकारी स्कूल में सबसे अधिक अंक प्राप्त करता है, लेकिन उसके कुल अंक 70 प्रतिशत से कम हैं, तो उसे स्कूटी योजना का लाभ नहीं मिलेगा। यानी अब केवल स्कूल टॉपर होना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि न्यूनतम अंक की शर्त पूरी करना भी अनिवार्य रहेगा।
मेधावी विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए किया जाता है प्रोत्साहित
मध्य प्रदेश सरकार की यह योजना सरकारी स्कूलों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से संचालित की जाती है। योजना के तहत प्रदेश के सरकारी उच्च माध्यमिक विद्यालयों में 12वीं बोर्ड परीक्षा में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले पात्र छात्र-छात्राओं को स्कूटी खरीदने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है, ताकि वे कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थानों तक आसानी से पहुंच सकें।
हर साल करीब 7,800 विद्यार्थियों को मिलता है लाभ
MP Topper Scooty: प्रदेश में हर वर्ष औसतन 7,800 मेधावी छात्र-छात्राएं इस योजना का लाभ प्राप्त करते हैं। सरकार का मानना है कि इससे विद्यार्थियों में बेहतर प्रदर्शन की प्रतिस्पर्धा बढ़ती है और उच्च शिक्षा के प्रति उनका उत्साह भी मजबूत होता है। हालांकि, नए नियम लागू होने के बाद पात्र विद्यार्थियों की संख्या में बदलाव आने की संभावना जताई जा रही है।
नए नियमों का क्या होगा असर?
MP Topper Scooty: शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि पात्रता का स्तर 60 प्रतिशत से बढ़ाकर 70 प्रतिशत करने से विद्यार्थियों को अधिक मेहनत करने की प्रेरणा मिलेगी। वहीं, कुछ लोगों का यह भी मानना है कि जिन स्कूलों का परीक्षा परिणाम अपेक्षाकृत कमजोर रहता है, वहां के टॉपर्स इस योजना से वंचित हो सकते हैं।
फिलहाल, स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के अनुसार आगामी सत्र से स्कूटी योजना का लाभ केवल उन्हीं विद्यार्थियों को मिलेगा, जो 70 प्रतिशत या उससे अधिक अंक हासिल करने की शर्त पूरी करेंगे।






