Mauganj Corruption:अभय मिश्रा \मऊगंज। मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले में कथित भ्रष्टाचार के मुद्दे पर प्रशासन और अगस्त क्रांति मंच आमने-सामने आ गए हैं। मंच के संयोजक कुंज बिहारी तिवारी ने 23 जुलाई 2026 को 4000 से अधिक पृष्ठों के दस्तावेजों के साथ संयुक्त कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए ग्राम पंचायतों, जल जीवन मिशन, ग्रामीण आजीविका मिशन और गौशालाओं सहित कई विभागों में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं की जांच की मांग की। वहीं, ज्ञापन सौंपने के दौरान कलेक्ट्रेट से पहले पुलिस द्वारा रोके जाने और दो दिन बाद संयोजक समेत 10 लोगों पर एफआईआर दर्ज किए जाने से मामला और गर्मा गया है।
कलेक्ट्रेट पहुंचने से पहले रोका गया प्रदर्शनकारी दल
अगस्त क्रांति मंच के अनुसार, ज्ञापन सौंपने के लिए कार्यकर्ता शांतिपूर्ण तरीके से कलेक्ट्रेट जा रहे थे, लेकिन कलेक्ट्रेट से लगभग 100 कदम पहले थाना प्रभारी राम सिंह के नेतृत्व में भारी पुलिस बल ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। मंच का आरोप है कि प्रशासन ने उन्हें कलेक्ट्रेट परिसर में प्रवेश नहीं करने दिया और करीब आधे घंटे तक सड़क पर ही रोककर रखा।
संयोजक कुंज बिहारी तिवारी का दावा है कि कलेक्ट्रेट पहुंचने से पहले पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने फोन कर उन्हें थाना या तहसील में ही ज्ञापन देने की सलाह दी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि नईगढ़ी क्षेत्र में भी उन्हें रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन वे समर्थकों के साथ कलेक्ट्रेट की ओर रवाना हुए।
‘क्या हम अपराधी हैं?’—कार्यकर्ताओं ने उठाए सवाल
Mauganj Corruption:बैरिकेडिंग के दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सवाल उठाया कि दो दिन पहले आदिवासी प्रदर्शनकारियों को कलेक्ट्रेट तक जाने दिया गया था, जबकि उन्हें पहले ही रोक दिया गया। उनका कहना था कि यदि अन्य संगठनों को ज्ञापन देने की अनुमति मिलती है तो केवल अगस्त क्रांति मंच के साथ अलग व्यवहार क्यों किया गया। कार्यकर्ताओं ने कहा, “क्या हम चोर-डकैत हैं, जो हमें कलेक्ट्रेट से पहले ही रोक दिया गया?”
शर्ट उतारकर संयोजक ने जताया विरोध
मौके पर कुंज बिहारी तिवारी ने पुलिस अधिकारियों से पूछा कि उन्हें किस आधार पर रोका जा रहा है। पुलिस द्वारा सुरक्षा कारणों का हवाला देने पर उन्होंने कथित रूप से अपनी शर्ट उतारकर कहा कि उनके पास कोई हथियार या आपत्तिजनक सामग्री नहीं है और वे केवल शांतिपूर्वक ज्ञापन देने आए हैं। इसके बावजूद उन्हें कलेक्ट्रेट परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई। बाद में संयुक्त कलेक्टर रश्मि चतुर्वेदी मौके पर पहुंचीं और बैरिकेडिंग स्थल पर ही ज्ञापन प्राप्त किया।
ज्ञापन में ₹650 करोड़ से अधिक के कथित भ्रष्टाचार का आरोप
Mauganj Corruption: अगस्त क्रांति मंच ने अपने ज्ञापन में आरोप लगाया है कि जिले की ग्राम पंचायतों में ₹650 करोड़ से अधिक की राशि नियमों के विपरीत खर्च या आहरित की गई। मंच का दावा है कि कई पंचायतों ने निर्माण सामग्री जैसे गिट्टी और बालू की खरीद के लिए मेडिकल स्टोर, किराना दुकान और फोटोकॉपी सेंटरों के नाम से बिल प्रस्तुत किए। साथ ही फर्जी वेंडरों और कथित फर्जी बिल-वाउचर के माध्यम से सरकारी राशि के दुरुपयोग का आरोप लगाया गया है।ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि कई विकास कार्य अधूरे होने के बावजूद भुगतान कर दिया गया और बड़े पैमाने पर रॉयल्टी चोरी की गई।
जल जीवन मिशन, ग्रामीण आजीविका मिशन और गौशालाओं पर भी सवाल
Mauganj Corruption: मंच ने मध्य प्रदेश ग्रामीण आजीविका मिशन में वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए दावा किया कि एक व्यक्ति के नाम पर करीब ₹50 लाख का भुगतान किया गया, जबकि वह कथित रूप से कबाड़ बीनने का कार्य करता है। जल जीवन मिशन में भी बिना पानी पहुंचाए भुगतान किए जाने का आरोप लगाया गया है।
इसके अलावा ज्ञापन में गौशालाओं में क्षमता से अधिक गोवंश दिखाकर अनुदान लेने, पशु क्रूरता और अन्य विभागों में भी कथित अनियमितताओं का उल्लेख किया गया है। हालांकि, इन सभी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इनकी जांच संबंधित एजेंसियों द्वारा किया जाना बाकी है।
दो दिन बाद संयोजक समेत 10 लोगों पर दर्ज हुई एफआईआर
Mauganj Corruption: ज्ञापन सौंपे जाने के दो दिन बाद, 25 जुलाई 2026 को कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के आवेदन पर मऊगंज थाना पुलिस ने अगस्त क्रांति मंच के संयोजक कुंज बिहारी तिवारी सहित 10 लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली। पुलिस ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कार्रवाई की पुष्टि की।
पुलिस का पक्ष
पुलिस का कहना है कि कलेक्ट्रेट के बाहर की गई बैरिकेडिंग केवल सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से की गई थी। प्रशासन का दावा है कि प्रदर्शनकारियों का ज्ञापन स्वीकार किया गया और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए।
जांच का इंतजार
Mauganj Corruption: फिलहाल मामला दो अलग-अलग पहलुओं पर केंद्रित है। एक ओर अगस्त क्रांति मंच प्रशासन पर भ्रष्टाचार के आरोपों की अनदेखी और पक्षपातपूर्ण रवैये का आरोप लगा रहा है, वहीं दूसरी ओर पुलिस सुरक्षा व्यवस्था के तहत की गई कार्रवाई को उचित बता रही है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि ज्ञापन में लगाए गए गंभीर आरोपों की जांच किस स्तर पर होती है और प्रशासन आगे क्या कार्रवाई करता है।







