Jogi Congress : बचेली/दंतेवाड़ा। एनएमडीसी (NMDC) के निजीकरण और स्थानीय हितों की अनदेखी के खिलाफ मंगलवार को जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) ने उग्र प्रदर्शन किया। जकांछ के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी के नेतृत्व में आयोजित इस आंदोलन के दौरान उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब एनएमडीसी चेक पोस्ट पर प्रदर्शनकारियों और सीआईएसएफ (CISF) के जवानों के बीच तीखी झड़प हो गई। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षाबलों ने लाठीचार्ज कर दिया, जिसमें महिलाओं सहित दर्जनों कार्यकर्ता घायल हो गए हैं।
Jogi Congress : सब्जी मार्केट से चेक पोस्ट तक निकली विशाल रैली आंदोलन की शुरुआत बचेली के मुख्य सब्जी मार्केट में धरना प्रदर्शन से हुई, जहाँ कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और एनएमडीसी प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद 16 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपने के लिए कार्यकर्ताओं ने रैली निकाली। जैसे ही प्रदर्शनकारी एनएमडीसी चेक पोस्ट पहुंचे, उन्होंने सुरक्षा घेरा तोड़कर गेट खोलने का प्रयास किया। इसी दौरान धक्का-मुक्की शुरू हुई और सीआईएसएफ जवानों ने लाठियां भांजकर प्रदर्शनकारियों को काफी दूर तक खदेड़ दिया।
Jogi Congress : अमित जोगी का हमला: ‘नगरनार बस्तर का है, निजी हाथों में नहीं जाने देंगे’ सभा को संबोधित करते हुए अमित जोगी ने एनएमडीसी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि एनएमडीसी से जुड़ा लगभग डेढ़ लाख करोड़ का घोटाला सामने है। जोगी ने प्रधानमंत्री मोदी की ‘गारंटी’ पर सवाल उठाते हुए कहा कि 2023 में वादा किया गया था कि नगरनार स्टील प्लांट बस्तर के लोगों की संपत्ति है, लेकिन अब इसे निजी हाथों में सौंपने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जोगी कांग्रेस इस निजीकरण को बर्दाश्त नहीं करेगी।
Jogi Congress : नंदराज पर्वत और पर्यावरण का मुद्दा गरमाया प्रदर्शनकारियों ने केवल निजीकरण ही नहीं, बल्कि बस्तर के प्राकृतिक संसाधनों के दोहन का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। अमित जोगी ने नंदराज पर्वत और पेटोरमेटा में हो रहे खनन का कड़ा विरोध किया। उन्होंने चेतावनी दी कि टेलिंग डैम से निकलने वाले जहरीले पानी के कारण स्थानीय ग्रामीणों का जीवन खतरे में है। बस्तर की नदियों और जलस्रोतों को प्रदूषित कर एनएमडीसी यहाँ के लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है।
Jogi Congress : स्थानीय हितों की अनदेखी का आरोप प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि एनएमडीसी बस्तर के संसाधनों का भरपूर लाभ उठा रहा है, लेकिन बदले में यहाँ के स्थानीय युवाओं को रोजगार और सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। 16 सूत्रीय ज्ञापन में स्थानीय भर्ती, सीएसआर फंड का सही उपयोग और विस्थापितों की समस्याओं के समाधान की मांग प्रमुखता से शामिल है। लाठीचार्ज की इस घटना के बाद क्षेत्र में राजनीतिक पारा चढ़ गया है और जकांछ ने इसे लोकतंत्र की हत्या करार दिया है।













