Indore Elephant Attack: इंदौर। शहर के चंदन नगर थाना क्षेत्र में हाथी के हमले में ऑटो चालक विजय होलकर की दर्दनाक मौत के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी महावत को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि हाथी को उज्जैन से इंदौर लाने और सार्वजनिक क्षेत्र में घुमाने तथा भिक्षा मांगने के लिए आवश्यक वैधानिक अनुमति ली गई थी या नहीं। इस संबंध में चंदन नगर पुलिस ने वन विभाग से आधिकारिक जानकारी मांगी है।
महावत उमेश गिरफ्तार, लापरवाही का आरोप
पुलिस के अनुसार, घटना की जांच के दौरान हाथी के महावत उमेश, निवासी निर्मोही अखाड़ा, खाक चौक, मंगलनाथ रोड, उज्जैन, को गिरफ्तार कर लिया गया है। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने महावत की लापरवाही को हादसे का प्रमुख कारण माना है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
गुड़ खिलाते समय हुआ दर्दनाक हादसा
Indore Elephant Attack: यह दर्दनाक घटना शनिवार शाम करीब 4:30 बजे चंदन नगर थाना क्षेत्र के ई-सेक्टर, राजनगर पुलिस चौकी के पास हुई थी। जानकारी के अनुसार, 49 वर्षीय ऑटो चालक विजय होलकर अपने घर के बाहर खड़े थे। उसी दौरान एक हाथी अपने महावत के साथ इलाके में पहुंचा।
बताया जा रहा है कि विजय होलकर श्रद्धा भाव से अपने घर से गुड़ लेकर हाथी को खिलाने पहुंचे थे। जैसे ही उन्होंने हाथी के पास जाकर गुड़ खिलाने की कोशिश की, अचानक हाथी आक्रामक हो गया। हाथी ने विजय को अपनी सूंड में लपेटकर जमीन पर पटक दिया और फिर अपने भारी पैर से उनके सीने पर वार कर दिया।गंभीर रूप से घायल विजय होलकर को तत्काल निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
जैन समाज के धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने आया था हाथी
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हाथी को जैन समाज के एक मांगलिक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए साधु-संतों के साथ उज्जैन से इंदौर लाया गया था। कार्यक्रम के बाद महावत हाथी को लेकर शहर के विभिन्न क्षेत्रों में घूम रहा था। इसी दौरान यह हादसा हो गया।
वन विभाग से मांगी गई अनुमति संबंधी जानकारी
Indore Elephant Attack: मामले में अब जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। चंदन नगर पुलिस यह पता लगा रही है कि हाथी को शहर में लाने, सार्वजनिक स्थानों पर घुमाने और कथित रूप से भिक्षा मांगने के लिए संबंधित विभागों से वैधानिक अनुमति ली गई थी या नहीं।
इसी क्रम में पुलिस ने वन विभाग को पत्र लिखकर हाथी से जुड़े सभी दस्तावेज मांगे हैं। इनमें हाथी के मालिकाना हक, परिवहन अनुमति, स्वास्थ्य प्रमाणपत्र और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत आवश्यक स्वीकृतियों की जानकारी शामिल है।
रिपोर्ट के बाद बढ़ सकती हैं धाराएं
Indore Elephant Attack: पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वन विभाग से रिपोर्ट मिलने के बाद यदि अनुमति संबंधी नियमों का उल्लंघन सामने आता है, तो मामले में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम सहित अन्य संबंधित धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं।
पूरे मामले की हर पहलू से जांच
फिलहाल पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की सभी पहलुओं से जांच कर रही है। एक ओर महावत की भूमिका की जांच की जा रही है, वहीं दूसरी ओर यह भी पता लगाया जा रहा है कि हाथी को शहर में लाने और सार्वजनिक क्षेत्र में संचालित करने की प्रक्रिया कानून के अनुरूप थी या नहीं। पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।







