बिलासपुर। Nishaanebaz.com-Bilaspur Fake Postmortem Report Bail: सर्पदंश से मौत के विभिन्न मामलों में कथित तौर पर फर्जी पोस्टमार्टम (PM) रिपोर्ट तैयार कर मुआवजा राशि दिलाने के गंभीर आरोप का सामना कर रहीं आरोपी डॉ. प्रियंका सोनी को बिलासपुर हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है। उच्च न्यायालय ने मामले में प्रस्तुत जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए उन्हें जमानत दे दी है। बिलासपुर हाईकोर्ट के जस्टिस राकेश मोहन पांडेय की एकलपीठ ने मामले के तथ्यों और पक्षों की दलीलों को सुनने के पश्चात आरोपी डॉक्टर की जमानत अर्जी को मंजूरी प्रदान की।
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उल्लेखनीय है कि डॉ. प्रियंका सोनी पर तीन अलग-अलग मामलों में नियम विरुद्ध तरीके से फर्जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार करने का आरोप लगाया गया है। इन तीनों प्रकरणों में सर्पदंश से मौत होने का उल्लेख करते हुए मृतकों के परिजनों को शासन की कल्याणकारी योजना के तहत 4-4 लाख रुपये का मुआवजा वितरित किया गया था। बाद में इस पूरी प्रक्रिया को लेकर शिकायतें प्राप्त हुई थीं, जिसके आधार पर जांच शुरू की गई।
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मुआवजा वितरण से जुड़े पूरे मामले में प्रशासनिक स्तर पर शुरू हुई जांच के दौरान दस्तावेजों की पड़ताल और पूरी प्रक्रिया में कथित तौर पर भारी गड़बड़ी सामने आई थी। रिकॉर्ड्स की विस्तृत जांच के दौरान प्रशासन को कई वित्तीय व प्रक्रियात्मक अनियमितताएं मिलीं, जिसके बाद पोस्टमार्टम रिपोर्टों की प्रामाणिकता पर भी सवाल खड़े हो गए थे। जांच अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर मामला आगे बढ़ा और इसके बाद पुलिसिया कार्रवाई करते हुए डॉ. प्रियंका सोनी को प्रकरण में आरोपी बनाया गया था।
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मामला पुलिस कार्रवाई और न्यायिक प्रक्रिया तक पहुंचने के बाद आरोपी पक्ष की ओर से उच्च न्यायालय में जमानत के लिए आवेदन प्रस्तुत किया गया था। प्रकरण में सभी पक्षों को सुनने के बाद अब हाईकोर्ट से डॉ. प्रियंका सोनी को जमानत मिल गई है। न्यायालय से राहत मिलने के बावजूद इस पूरे फर्जीवाड़ा प्रकरण में पुलिस की आगे की विवेचना और संबंधित न्यायिक प्रक्रिया यथावत जारी रहेगी।







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