नई दिल्ली। पिछले दिनों आई प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हिमाचल प्रदेश और पंजाब अब केंद्र सरकार से अपेक्षित मदद न मिलने के कारण मुश्किलों का सामना कर रहे हैं।
पंजाब की स्थिति:
राज्य के राजस्व, पुनर्वास और आपदा प्रबंधन मंत्री हरदीप सिंह मुंडियन ने बताया कि हाल की बारिश और बाढ़ ने पंजाब में भारी तबाही मचाई है, जिससे लाखों लोग बेघर हुए हैं। राज्य सरकार प्रभावित लोगों की मदद कर रही है, लेकिन नुकसान बहुत बड़ा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से 1,600 करोड़ रुपये की राहत राशि का आश्वासन मिला था, लेकिन यह राशि हुए नुकसान के लिए अपर्याप्त है और अभी तक पूरी तरह से भी नहीं मिली।
मंत्री मुंडियन ने बताया कि करीब 20 लाख लोग प्रभावित हुए हैं और सरकार की प्राथमिकता बेघर हुए लोगों के लिए घर बनाना और बाढ़ से प्रभावित फसलों के लिए किसानों को मुआवजा देना है।
हिमाचल प्रदेश की स्थिति:
हिमाचल प्रदेश के तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक और औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि राज्य लगातार जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाओं का सामना कर रहा है। 2023 की आपदा से हिमाचल अभी पूरी तरह उबरा भी नहीं था कि अब फिर से भारी नुकसान हुआ।
धर्माणी ने बताया कि 2023 के नुकसान के लिए केंद्र को 9,200 करोड़ रुपये का क्लेम भेजा गया था, लेकिन दो साल बाद केवल 2,000 करोड़ रुपये मंजूर हुए, जिसमें से अब तक सिर्फ 400 करोड़ रुपये ही मिले हैं। इस वजह से कई मरम्मत कार्य अधूरे हैं। इस बार हिमाचल में 50 से ज़्यादा बादल फटने की घटनाएं हुई हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार आपदा से निपटने के लिए योजना बना रही है, जिसमें छोटी नदियों के किनारे हो रहे निर्माण पर रोक लगाना और टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके आपदा प्रबंधन करना शामिल है।
पंजाब और हिमाचल के मंत्रियों ने दोनों राज्यों में आई आपदाओं से निपटने के लिए केंद्र से त्वरित और पर्याप्त मदद की मांग की है। इस आपदा ने राज्यवासियों के जीवन को गंभीर रूप से प्रभावित किया है और अब राहत कार्यों में देरी के चलते समस्याएं और बढ़ रही हैं।













