Hardik-Aman Death : Hardik-Aman की मौत, 750KG पोल कैसे गिरा? बास्केटबॉल पोल बना खिलाड़‍ियों का काल, सिस्टम पर सवाल उठे

Sanjay Sahu
Hardik-Aman Death

Hardik-Aman Death : रोहतक/बहादुरगढ़ : पहले अमन और अब हार्दिक, सिर्फ तीन दिनों में हरियाणा ने अपने दो होनहार बास्केटबॉल खिलाड़ियों को खो दिया है। रोहतक और बहादुरगढ़ में खेल मैदानों पर लगे पोल गिरने से हुई मौत की ये घटनाएं न सिर्फ दर्दनाक हैं, बल्कि यह साफ दर्शाती हैं कि खेल सुविधाओं की सुरक्षा और रखरखाव में भारी लापरवाही बरती जा रही है।

Hardik-Aman Death : रोहतक के लाखन माजरा गांव में 16 वर्षीय हार्दिक गुरुवार सुबह कोर्ट में अकेले प्रैक्टिस कर रहा था। जब वह नेट के पास लगे पोल पर लटका, तो करीब 750 किलोग्राम वजनी पोल अचानक टूटकर उसकी छाती पर गिर पड़ा। उसे तुरंत PGIMS रोहतक ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उसे बचा नहीं सके। हार्दिक कई नेशनल गेम्स में हिस्सा ले चुका था और हाल ही में पुडुचेरी में हुई 39वीं यूथ नेशनल प्रतियोगिता में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। उसके जाने से परिवार और गांव में शोक की लहर है। लोगों का आरोप है कि यह हादसा नहीं, बल्कि कई स्तरों पर हुई लापरवाही का परिणाम है।

Hardik-Aman Death : स्थानीय लोगों का दावा है कि कोर्ट की मेंटीनेंस की फाइल टेंडर प्रक्रिया में फंसी हुई थी और खराब पोल के बावजूद उसे समय पर ठीक नहीं कराया गया। बताया जा रहा है कि यह कोर्ट पंचायत की जमीन पर बनाया गया था जिसके लिए सांसद निधि से 11 लाख रुपये मंजूर हुए थे। लेकिन देखरेख की कमी खिलाड़ी की जान पर भारी पड़ गई।

Hardik-Aman Death : घटना के बाद खेल राज्य मंत्री ने इस मामले में कार्रवाई की है। जिले के खेल अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है और पंचायत की जमीन पर संचालित बास्केटबॉल नर्सरी को भी बंद कर दिया गया है। साथ ही सभी जिलों के स्पोर्ट्स ऑफिसर्स से स्टेडियम और खेल सुविधाओं की पूरी स्थिति की जानकारी मांगी गई है।

इसी तरह बहादुरगढ़ में भी 15 वर्षीय अमन की मौत बास्केटबॉल पोल गिरने से हो गई थी। दोनों घटनाओं में समानता यह दर्शाती है कि पोलों की नियमित जांच और उनकी मजबूती पर कोई ध्यान ही नहीं दिया जा रहा था।

खिलाड़ियों और परिजनों का सवाल है—क्या खिलाड़ियों की सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं? अगर किसी खराब संरचना को जानते हुए भी ठीक नहीं किया जाता और उसकी वजह से मौत होती है, तो इसे महज हादसा नहीं कहा जा सकता।

Hardik-Aman Death : परिजनों और ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदारों पर हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की है। हरियाणा हमेशा से खेलों की धरती रहा है, लेकिन अगर खेल सुविधाएं ही बच्चों की जान लेने लगें, तो यह व्यवस्था के लिए एक बड़ा चेतावनी संकेत है। इन हादसों ने यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या हमारे खिलाड़ी सुरक्षित हैं या फिर मैदानों में हर अभ्यास मौत के खतरे के साथ किया जा रहा है?

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