Monday, August 31, 2026
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Raipur Jagannath Rath Yatra: रायपुर में भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा राज्यपाल रमेन डेका और CM विष्णुदेव साय ने निभाई ‘छेरा-पहरा’ की परंपरा, प्रदेश की सुख-समृद्धि और अच्छी वर्षा की कामना

Raipur Jagannath Rath Yatra: रायपुर। राजधानी रायपुर एक बार फिर भगवान जगन्नाथ की भक्ति और आस्था के रंग में सराबोर नजर आई। गायत्री नगर स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर से निकली भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की भव्य रथयात्रा में हजारों श्रद्धालुओं ने उत्साह और श्रद्धा के साथ भाग लिया। वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद, भजन-कीर्तन और “जय जगन्नाथ” के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।

इस पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रथयात्रा महोत्सव में शामिल होकर भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की विधिवत पूजा-अर्चना की। दोनों ने प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और खुशहाल जीवन की कामना करते हुए धार्मिक परंपराओं का पालन किया।

सोने की झाड़ू से निभाई गई ऐतिहासिक ‘छेरा-पहरा’ की परंपरा

Raipur Jagannath Rath Yatra: रथयात्रा शुरू होने से पहले राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भगवान जगन्नाथ की सेवा भाव से जुड़ी प्राचीन ‘छेरा-पहरा’ परंपरा निभाई। उन्होंने सोने की झाड़ू से रथमार्ग का प्रतीकात्मक रूप से शुद्धिकरण किया। यह परंपरा भगवान के समक्ष सभी मनुष्यों की समानता और सेवा को सर्वोच्च धर्म मानने का संदेश देती है।

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छेरा-पहरा की रस्म पूरी होने के बाद भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की प्रतिमाओं को वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ भव्य रथ पर विराजित किया गया। इसके बाद हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में रथयात्रा का शुभारंभ हुआ।

श्रद्धालुओं की भारी भीड़, पूरा शहर हुआ भक्तिमय

सुबह से ही गायत्री नगर स्थित मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। प्रदेश के विभिन्न जिलों के अलावा पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए पहुंचे। महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों और बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ रथयात्रा में भाग लिया।

रथ के आगे-आगे भजन मंडलियां भगवान के भक्ति गीत प्रस्तुत करती रहीं, जबकि श्रद्धालु फूलों की वर्षा करते हुए भगवान का स्वागत करते नजर आए। पूरे मार्ग पर धार्मिक उल्लास और भक्ति का अद्भुत वातावरण देखने को मिला।

मुख्यमंत्री ने किसानों की समृद्धि और अच्छी वर्षा की प्रार्थना की

Raipur Jagannath Rath Yatra: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि भगवान जगन्नाथ किसानों के आराध्य देव हैं और उनकी कृपा से धरती पर हरियाली आती है। उन्होंने भगवान से प्रदेश में समय पर अच्छी वर्षा, भरपूर फसल और किसानों के जीवन में समृद्धि की कामना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान राज्य है और किसानों की खुशहाली ही प्रदेश की खुशहाली है। भगवान जगन्नाथ की कृपा से खेत लहलहाएं, धान की भरपूर पैदावार हो और प्रदेश निरंतर विकास के पथ पर आगे बढ़ता रहे।

राज्यपाल बोले—रथयात्रा सामाजिक समरसता का संदेश देती है

राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, सामाजिक समरसता और लोककल्याण का प्रतीक है। यह पर्व हमें सेवा, समानता, भाईचारे और मानवता का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को एकजुट करने और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

पुरी की तर्ज पर हर वर्ष निकलती है भव्य रथयात्रा

Raipur Jagannath Rath Yatra: गौरतलब है कि रायपुर के गायत्री नगर स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर में प्रतिवर्ष पुरी की विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा की तर्ज पर भव्य आयोजन किया जाता है। ओडिशा से सांस्कृतिक और धार्मिक जुड़ाव होने के कारण छत्तीसगढ़ में भगवान जगन्नाथ के प्रति विशेष आस्था देखने को मिलती है।

रथयात्रा के दौरान श्रद्धालु भगवान के रथ को खींचकर स्वयं को सौभाग्यशाली मानते हैं। मान्यता है कि भगवान जगन्नाथ के रथ का दर्शन और रस्सी खींचने से जीवन में सुख-समृद्धि और मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।

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जनप्रतिनिधियों और श्रद्धालुओं की रही बड़ी भागीदारी

Raipur Jagannath Rath Yatra: इस धार्मिक आयोजन में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक पुरंदर मिश्रा, विभिन्न निगम-मंडलों एवं आयोगों के अध्यक्ष, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि और हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे।पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा, यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए प्रशासन द्वारा व्यापक इंतजाम किए गए थे। रथयात्रा शांतिपूर्ण और भव्य तरीके से संपन्न हुई।

आस्था, संस्कृति और एकता का प्रतीक बना महापर्व

भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, सामाजिक समरसता और लोक परंपराओं का जीवंत उत्सव है। रायपुर में आयोजित यह भव्य रथयात्रा एक बार फिर यह संदेश देने में सफल रही कि आस्था, सेवा, समानता और एकता ही भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी पहचान है।

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