Gwalior news : ग्वालियर। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण जिले में कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। जिला प्रशासन ने हालात को देखते हुए कई गांवों में राहत शिविरों की स्थापना की है और एसडीआरएफ की टीमों की सहायता से प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने का कार्य किया जा रहा है।
सबसे बड़ी कार्रवाई डबरा तहसील के ग्राम नंदू का डेरा में देखने को मिली, जहाँ जलभराव के चलते एसडीआरएफ टीम ने 50 लोगों का रेस्क्यू कर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया। इनमें से 23 लोगों को डबरा स्थित कम्युनिटी हॉल और रैन बसेरा में बनाए गए राहत शिविरों में रखा गया, जबकि अन्य लोगों ने अपने रिश्तेदारों के यहाँ शरण ली। वहीं, ग्राम खेड़ीरायमल में भी जलभराव की स्थिति को देखते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया और लोगों को पंचायत भवन में बनाए गए राहत शिविर में पहुँचाया गया।
इस बीच, ग्राम टिहौली के समीप बड़ेरा गांव में स्थित स्टॉप डैम पर 55 वर्षीय प्रीतम सिंह कुशवाह के पैर फिसलने से वह बैसली नदी में बह गए। घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम ग्वालियर ग्रामीण सूर्यकांत त्रिपाठी बचाव दल के साथ मौके पर पहुंचे और एसडीआरएफ की टीम द्वारा खोजबीन का कार्य जारी है। एनडीआरएफ की टीम को भी सहायता के लिए बुलाया गया है।
कलेक्टर रुचिका चौहान ने जिले के सभी एसडीएम को निर्देश दिए हैं कि 24 घंटे जलभराव प्रभावित क्षेत्रों पर नजर रखें और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन चलाएं। साथ ही राहत शिविरों में भोजन, पेयजल और प्राथमिक चिकित्सा जैसी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
मुरार विकासखंड के हस्तिनापुर व बेहट सहित अन्य संवेदनशील इलाकों में विशेष राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, और एहतियात के तौर पर अन्य स्थलों पर भी शिविर स्थल चिन्हित किए गए हैं।
जिला प्रशासन की तत्परता और राहत कार्यों की सक्रियता के चलते अब तक कई लोगों को सुरक्षित बचाया जा चुका है। प्रशासन लगातार मौसम की स्थिति पर नजर बनाए हुए है और सभी संबंधित विभागों को अलर्ट पर रखा गया है।













